भारत के बायोटेक क्षेत्र में BRIC की नई पहल

भारत के बायोटेक क्षेत्र में BRIC की नई पहल

भारत के जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र ने एक महत्वपूर्ण संस्थागत उपलब्धि हासिल की, जब 27–28 मार्च 2026 को फरीदाबाद स्थित रीजनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी में बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च एंड इनोवेशन काउंसिल–रिसर्च एडवाइजरी बोर्ड (BRIC-RAB) की पहली बैठक आयोजित की गई। BRIC, जैव प्रौद्योगिकी विभाग के तहत स्थापित एक शीर्ष स्वायत्त निकाय है, जो 14 स्वायत्त संस्थानों को एकीकृत कर अनुसंधान और नवाचार को नई दिशा देने का प्रयास कर रहा है।

BRIC-RAB का गठन और भूमिका

BRIC-RAB की अध्यक्षता प्रोफेसर के. विजय राघवन कर रहे हैं। इस बोर्ड का मुख्य उद्देश्य BRIC के अंतर्गत आने वाले संस्थानों के वैज्ञानिक कार्यक्रमों का मार्गदर्शन, समीक्षा और निगरानी करना है। इसके अलावा, यह नए मिशन और लक्षित अनुसंधान पहलों को विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह बोर्ड संस्थागत अनुसंधान को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और दीर्घकालिक जैव-अर्थव्यवस्था के लक्ष्यों के साथ जोड़ने का कार्य करता है।

एकीकृत बायोटेक पारिस्थितिकी तंत्र की परिकल्पना

बैठक के दौरान जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव और BRIC के महानिदेशक डॉ. राजेश एस. गोखले ने भारत के बायोटेक क्षेत्र के अगले चरण को सामूहिक रूप से विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने मिशन-उन्मुख कार्यक्रमों, नवाचारी रणनीतियों और प्रशासनिक सुधारों की आवश्यकता को रेखांकित किया। उद्देश्य BRIC को एक ऐसे राष्ट्रीय प्रयोगशाला नेटवर्क में बदलना है जो एकीकृत होने के साथ-साथ विकेंद्रीकृत भी हो, ताकि जटिल वैज्ञानिक चुनौतियों का प्रभावी समाधान किया जा सके।

सहयोग और बहु-विषयक अनुसंधान का महत्व

इस बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि आधुनिक वैज्ञानिक समस्याओं के समाधान के लिए बहु-विषयक दृष्टिकोण और सहयोग अत्यंत आवश्यक है। साझा बुनियादी ढांचे, खुली ज्ञान प्रणाली और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। विभिन्न संस्थानों के विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य, कृषि, पर्यावरण विज्ञान और डेटा-आधारित अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया, जिन्हें उभरते बायोमैन्युफैक्चरिंग हब और बायोफाउंड्री का समर्थन प्राप्त है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • BRIC जैव प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत एक शीर्ष स्वायत्त निकाय है।
  • यह 14 स्वायत्त संस्थानों को एकीकृत ढांचे में जोड़ता है।
  • BRIC-RAB के अध्यक्ष प्रो. के. विजय राघवन हैं।
  • पहली BRIC-RAB बैठक मार्च 2026 में फरीदाबाद में आयोजित हुई।

नवाचार, उद्योग और आत्मनिर्भरता पर जोर

बैठक में आत्मनिर्भर जैव-अर्थव्यवस्था के निर्माण के लिए स्वदेशी तकनीकों, किफायती नवाचार और उद्योग के साथ मजबूत साझेदारी पर जोर दिया गया। भारत की जैव विविधता, युवा जनसंख्या और डेटा संसाधनों का उपयोग कर वैश्विक स्तर पर नेतृत्व हासिल करने की दिशा में रणनीतियों पर चर्चा हुई। साथ ही वैज्ञानिकों के प्रदर्शन मूल्यांकन और भविष्य के बायोटेक नेताओं को तैयार करने के उपायों पर भी विचार किया गया।

अंततः, BRIC और BRIC-RAB की यह पहल भारत के बायोटेक क्षेत्र को अधिक संगठित, नवाचारी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो सतत और समावेशी विकास को भी बढ़ावा देगा।

Originally written on March 30, 2026 and last modified on March 30, 2026.

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