भारत की निजी अंतरिक्ष कंपनी Azista Space ने रचा इतिहास: अंतरिक्ष से ISS की पहली सफल इमेजिंग
भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र ने एक महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि हासिल की है। घरेलू एयरोस्पेस कंपनी Azista Space ने पहली बार एक स्वदेशी उपग्रह के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की कक्षा में रहते हुए इमेजिंग कर स्पेस सिचुएशनल अवेयरनेस (SSA) की दिशा में भारत की क्षमताओं को सुदृढ़ किया है। यह उपलब्धि किसी भी भारतीय निजी अंतरिक्ष कंपनी द्वारा पहली बार हासिल की गई है।
पृथ्वी की कक्षा में ऐतिहासिक तकनीकी प्रदर्शन
इस अभूतपूर्व प्रदर्शन को Azista Space के 80 किलोग्राम वजनी ABA First Runner (AFR) उपग्रह के माध्यम से अंजाम दिया गया। इस उपग्रह ने ISS की इमेजिंग लगभग 250–300 किलोमीटर की दूरी से की।
इस प्रक्रिया को “in-orbit snooping” या “space watch” भी कहा जाता है, जिसमें तेजी से गतिशील और क्षितिज के पास स्थित वस्तु की ट्रैकिंग और इमेजिंग की जाती है। यह प्रदर्शन कंपनी के एडवांस्ड ट्रैकिंग एल्गोरिदम और सेंसर की सटीकता का प्रमाण है।
मिशन और तकनीकी विवरण
- AFR उपग्रह को SpaceX के Falcon 9 रॉकेट द्वारा जून 2023 में Transporter-8 मिशन के तहत लॉन्च किया गया था।
- लगभग ढाई वर्षों की कक्षीय यात्रा के बाद, उपग्रह ने दो बार स्वतंत्र रूप से ISS की इमेजिंग की।
- इन प्रयासों में कुल 15 फ्रेम कैप्चर किए गए, जिनकी सैंपलिंग रेजोल्यूशन लगभग 2.2 मीटर रही।
- Azista Space के अनुसार, दोनों प्रयास 100 प्रतिशत सफल रहे।
भारत की कक्षीय निगरानी क्षमताओं में प्रगति
यह उपलब्धि भारत की Space Situational Awareness (SSA) क्षमताओं को नई ऊँचाई देती है। SSA का अर्थ है – पृथ्वी की कक्षा में उपग्रहों, मलबे और अन्य वस्तुओं की गतिविधियों की निगरानी और भविष्यवाणी करना।
भारत के पास संप्रेषण, नेविगेशन, पृथ्वी अवलोकन और निगरानी जैसे उद्देश्यों के लिए 50 से अधिक सक्रिय उपग्रह हैं। ऐसी स्थितियों में पास के कक्षीय क्षेत्रों की जानकारी रणनीतिक और सुरक्षा दोनों दृष्टियों से अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- Space Situational Awareness का उद्देश्य कक्षा में उपग्रहों और अंतरिक्ष मलबे की ट्रैकिंग है।
- Low Earth Orbit (LEO) पृथ्वी से लगभग 2,000 किमी की ऊँचाई तक फैली होती है।
- अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) लगभग 400 किमी की ऊँचाई पर पृथ्वी की परिक्रमा करता है।
- भारत में निजी अंतरिक्ष कंपनियों की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है।
भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र को नई दिशा
Azista Space, जो कि साणंद, गुजरात में एशिया की पहली निजी सैटेलाइट निर्माण सुविधा संचालित करती है, इस सफलता को अपनी इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल पेलोड, इमेज प्रोसेसिंग और सैटेलाइट बस इंजीनियरिंग क्षमताओं का प्रमाण मानती है।
कंपनी कई मिशनों में ISRO के साथ भी सहयोग कर रही है, जो यह दर्शाता है कि भारत का निजी अंतरिक्ष उद्योग अब केवल सहभागी नहीं, बल्कि प्रौद्योगिकी विकास और कक्षीय सुरक्षा में एक अग्रणी शक्ति के रूप में उभर रहा है।
यह उपलब्धि भारत की आत्मनिर्भर अंतरिक्ष नीति को मजबूती देती है और अंतरिक्ष के क्षेत्र में उसकी वैश्विक भूमिका को और अधिक प्रासंगिक बनाती है।