भारत-किर्गिज़स्तान संयुक्त विशेष बल अभ्यास ‘खंजर’ 2026 असम के मिसामारी में प्रारंभ
भारत और किर्गिज़स्तान के बीच वार्षिक संयुक्त विशेष बल अभ्यास ‘खंजर’ का 2026 संस्करण 4 फरवरी से असम के मिसामारी सैन्य स्टेशन में आरंभ हुआ। यह द्विपक्षीय अभ्यास दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को सशक्त बनाने, आतंकवाद-रोधी क्षमताओं को उन्नत करने और क्षेत्रीय शांति व स्थिरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रतिभागी बल और अभ्यास की अवधि
यह सैन्य अभ्यास 4 फरवरी से 17 फरवरी तक चलेगा। इसमें भारत की पैरा रेजीमेंट (विशेष बल) की 20-सदस्यीय टुकड़ी और किर्गिज़स्तान की ILBRIS स्पेशल फोर्स ब्रिगेड के समान संख्या वाले सैनिक शामिल हैं। मिसामारी, असम में स्थित एक प्रमुख सैन्य केंद्र है, जो संयुक्त अभ्यासों और परिचालन तत्परता गतिविधियों के लिए जाना जाता है।
आतंकवाद-रोधी अभियानों और विशेष सैन्य अभियानों पर ध्यान
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, अभ्यास खंजर का प्रमुख उद्देश्य विशेष बलों के बीच आतंकवाद-रोधी अभियानों में सर्वोत्तम अभ्यासों और अनुभवों का आदान-प्रदान करना है। प्रशिक्षण का फोकस शहरी और पर्वतीय क्षेत्रों में होने वाले अभियानों पर है, जिससे यह वास्तविक परिदृश्यों से मेल खाता है। इसमें स्नाइपिंग, जटिल इमारतों में प्रवेश, और पर्वतीय कौशल जैसे क्षेत्रों में सैनिकों की सामरिक दक्षता को बढ़ाया जाएगा।
संयुक्त राष्ट्र के अधीन अभियानों में पारस्परिक संचालन क्षमता
वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों ने बताया कि इस अभ्यास का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र के अधीन अभियान परिस्थितियों में दोनों देशों के विशेष बलों की इंटरऑपरेबिलिटी (पारस्परिक संचालन क्षमता) को बेहतर बनाना है। यह अभ्यास दोनों देशों की वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों — जैसे आतंकवाद, उग्रवाद और ट्रांसनेशनल खतरों — के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- अभ्यास खंजर भारत और किर्गिज़स्तान के बीच एक द्विपक्षीय विशेष बल अभ्यास है।
- इसकी शुरुआत 2011 में हुई थी और यह प्रत्येक वर्ष आयोजित किया जाता है।
- 2026 का संस्करण मिसामारी, असम में हो रहा है।
- 2025 में इसका पिछला संस्करण टोकमोक, किर्गिज़स्तान में आयोजित किया गया था।
भारत-किर्गिज़स्तान रक्षा सहयोग में विस्तार
हाल के वर्षों में भारत और किर्गिज़स्तान के बीच रक्षा संबंधों में निरंतर विस्तार हुआ है। सहयोग के प्रमुख क्षेत्र हैं — किर्गिज़ सैनिकों का भारत में प्रशिक्षण, नियमित संयुक्त अभ्यास, सैन्य आदान-प्रदान कार्यक्रम, और बिश्केक स्थित किर्गिज़-भारत पर्वतीय जैव-चिकित्सा अनुसंधान केंद्र में संयुक्त अनुसंधान। ‘खंजर’ अभ्यास इस रणनीतिक साझेदारी का एक मजबूत आधारस्तंभ बनकर उभर रहा है, जो दोनों देशों की सुरक्षा हितों को सुदृढ़ करता है।