भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026, ऊर्जा क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर बड़ा कदम
नई दिल्ली के यशोभूमि में 19 से 22 मार्च 2026 तक आयोजित भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 ऊर्जा क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण वैश्विक सम्मेलन और प्रदर्शनी है, जो भारत की बढ़ती ऊर्जा क्षमता और वैश्विक भूमिका को दर्शाता है। इस कार्यक्रम में 25,000 से अधिक आगंतुकों और 80 से ज्यादा देशों की भागीदारी अपेक्षित है, जिससे यह बिजली और स्वच्छ ऊर्जा पर केंद्रित दुनिया के सबसे बड़े मंचों में से एक बन गया है। यह आयोजन भारत की ऊर्जा संक्रमण यात्रा और सतत विकास के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को मजबूती देता है।
वैश्विक भागीदारी और आयोजन का व्यापक पैमाना
इस समिट में 100 से अधिक उच्चस्तरीय सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें 300 से ज्यादा वक्ता और 500 से अधिक प्रदर्शक भाग ले रहे हैं। इनमें लगभग 100 स्टार्टअप भी शामिल हैं, जो नवाचार और नई तकनीकों को सामने ला रहे हैं। इस आयोजन में अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा मंत्री, भारत के केंद्रीय और राज्य मंत्री, नीति निर्माता, उद्योग जगत के नेता और वैश्विक निवेशक शामिल हो रहे हैं।
इतनी बड़ी अंतरराष्ट्रीय भागीदारी यह दर्शाती है कि भारत अब वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन में एक प्रमुख भूमिका निभा रहा है। यह मंच विभिन्न देशों के बीच सहयोग, निवेश और तकनीकी साझेदारी को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।
थीम और प्रमुख फोकस क्षेत्र
इस समिट की थीम है—“इलेक्ट्रिफाइंग ग्रोथ, एम्पावरिंग सस्टेनेबिलिटी, कनेक्टिंग ग्लोबली।” इस थीम के तहत बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन, वितरण और ऊर्जा भंडारण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर चर्चा की जा रही है।
मुख्य विषयों में नवीकरणीय ऊर्जा का एकीकरण, स्मार्ट ग्रिड तकनीक, डिजिटल परिवर्तन और मजबूत बिजली प्रणालियों का निर्माण शामिल है। इसके अलावा ऊर्जा क्षेत्र में उभरती तकनीकों और टिकाऊ समाधानों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा किया जा सके।
उद्योग सहयोग और निवेश के अवसर
यह समिट सरकार, उद्योग और शिक्षाविदों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने का एक प्रमुख मंच है। मंत्रीस्तरीय बैठकें, सीईओ फोरम और विशेष संवाद सत्रों के माध्यम से नीतिगत चर्चा और रणनीतिक साझेदारी को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
अनुमान है कि वर्ष 2032 तक भारत के बिजली क्षेत्र में 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश संभावित है। ऐसे में यह समिट निवेश आकर्षित करने, आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा है। साथ ही, ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत स्वदेशी उत्पादन और तकनीकी विकास को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
प्रदर्शनी और तकनीकी नवाचार का प्रदर्शन
इस समिट का एक प्रमुख आकर्षण 20,000 वर्ग मीटर में फैली विशाल प्रदर्शनी है, जिसमें बिजली उत्पादन, नवीकरणीय ऊर्जा, ट्रांसमिशन, वितरण, ऊर्जा भंडारण और डिजिटल तकनीकों से जुड़ी नवीनतम उपलब्धियां प्रदर्शित की जा रही हैं।
विशेष सत्रों में इंडस्ट्री 4.0, कार्बन मार्केट, जलविद्युत और ऊर्जा स्टार्टअप्स जैसे उभरते क्षेत्रों पर चर्चा की जा रही है। ये पहल न केवल ऊर्जा क्षेत्र के भविष्य को आकार दे रही हैं, बल्कि भारत को सतत ऊर्जा विकास में वैश्विक नेतृत्व प्रदान करने में भी सहायक हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 का आयोजन नई दिल्ली के यशोभूमि में किया जा रहा है।
- इस समिट की थीम है “इलेक्ट्रिफाइंग ग्रोथ, एम्पावरिंग सस्टेनेबिलिटी, कनेक्टिंग ग्लोबली।”
- इसमें 80 से अधिक देशों और 500 से ज्यादा प्रदर्शकों की भागीदारी हो रही है।
- नवीकरणीय ऊर्जा, स्मार्ट ग्रिड और ऊर्जा भंडारण इस समिट के प्रमुख फोकस क्षेत्र हैं।
भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 न केवल एक सम्मेलन है, बल्कि यह भारत के ऊर्जा भविष्य की दिशा तय करने वाला एक महत्वपूर्ण मंच है। यह आयोजन वैश्विक सहयोग, निवेश और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देकर भारत को स्वच्छ, सुरक्षित और आत्मनिर्भर ऊर्जा प्रणाली की ओर अग्रसर करता है। आने वाले वर्षों में ऐसे प्रयास भारत को ऊर्जा क्षेत्र में विश्व नेतृत्व की स्थिति में स्थापित कर सकते हैं।