भारत-अमेरिका व्यापार समझौता 2026: टैरिफ में कटौती के साथ द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों में नया मोड़

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता 2026: टैरिफ में कटौती के साथ द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों में नया मोड़

भारत और अमेरिका ने एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय व्यापार समझौते की घोषणा की है, जिसके तहत दोनों देशों ने पारस्परिक टैरिफ कम करने और रणनीतिक आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की है। इस समझौते की घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फोन वार्ता के बाद की, जिससे दोनों लोकतंत्रों के बीच व्यापारिक संबंधों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

समझौते की प्रमुख विशेषताएं

इस व्यापार समझौते के तहत अमेरिका ने भारतीय निर्यात उत्पादों पर टैरिफ 25% से घटाकर 18% कर दिया है, जिससे Made in India उत्पादों की अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी। इसके बदले भारत ने अमेरिकी दावों के अनुसार, अमेरिकी उत्पादों पर आयात शुल्क और गैर-शुल्क बाधाएं शून्य करने पर सहमति जताई है।

इस समझौते में ऊर्जा व्यापार से संबंधित प्रावधान भी शामिल हैं, जिनके अनुसार भारत अमेरिका से ऊर्जा खरीद बढ़ाएगा और रूसी तेल की खरीद पर रोक लगाएगा — हालांकि भारत की ओर से इस पर कोई औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है।

राजनीतिक और राजनयिक प्रतिक्रियाएं

राष्ट्रपति ट्रम्प ने प्रधानमंत्री मोदी को “निकट मित्र और सम्मानित नेता” बताते हुए इस समझौते को दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए “महत्वपूर्ण सफलता” करार दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों पर टैरिफ कटौती का स्वागत करते हुए दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और गहरा करने की आशा जताई।

व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि अमेरिका भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद पर लगाए गए प्रतिबंध के बाद पूर्व में लगाए गए अतिरिक्त 25% टैरिफ को भी हटाएगा।

आर्थिक प्रभाव और क्षेत्रों को लाभ

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि यह समझौता रोजगार सृजन, आर्थिक विकास, नवाचार को बढ़ावा देगा और भारत की मेक इन इंडिया पहल को मजबूती प्रदान करेगा। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इसे किसानों, MSMEs, उद्यमियों और कुशल श्रमिकों के लिए असाधारण अवसरों का द्वार खोलने वाला समझौता बताया। उन्होंने इसे तकनीक के सह-निर्माण के लिए अनुकूल माहौल भी करार दिया।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • Reciprocal Tariffs का अर्थ होता है—व्यापार भागीदारों द्वारा एक-दूसरे पर लगाए गए समरूप आयात शुल्क।
  • अमेरिका ने इस समझौते के तहत भारतीय उत्पादों पर टैरिफ 25% से घटाकर 18% कर दिया है।
  • Make in India भारत की प्रमुख विनिर्माण और निवेश प्रोत्साहन योजना है।
  • ऊर्जा व्यापार अब भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी का महत्वपूर्ण घटक बन चुका है।

रणनीतिक दृष्टि से द्विपक्षीय संबंधों में महत्व

यह समझौता भारतीय निर्यातकों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, विशेषकर उन क्षेत्रों के लिए जो अमेरिकी बाजार पर अत्यधिक निर्भर हैं। व्यापार अवरोधों को कम कर और प्रौद्योगिकी साझेदारी को सुदृढ़ कर यह समझौता भारत-अमेरिका रणनीतिक संरेखण को और मजबूत करता है।

तेजी से बदलते वैश्विक व्यापारिक परिदृश्य में यह करार न केवल भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाता है, बल्कि दोनों देशों को स्थायी और परस्पर लाभकारी साझेदारी की दिशा में एक मजबूत आधार भी प्रदान करता है।

Originally written on February 3, 2026 and last modified on February 3, 2026.

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