भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौता: अमेरिकी वाइन, ड्राय फ्रूट्स और शराब पर आयात शुल्क में कटौती
भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण के तहत भारत ने अमेरिकी वाइन, स्पिरिट्स और सूखे मेवों पर आयात शुल्क कम करने का फैसला किया है। इस कदम से न केवल उपभोक्ताओं को सस्ते दामों में उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद मिलेंगे, बल्कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध भी मजबूत होंगे।
व्यापार समझौते की रूपरेखा और कार्यान्वयन
भारत और अमेरिका ने एक चरणबद्ध द्विपक्षीय व्यापार समझौते की रूपरेखा को अंतिम रूप दे दिया है। यह रूपरेखा मार्च मध्य तक एक वैधानिक और बाध्यकारी समझौते के रूप में हस्ताक्षरित किए जाने की संभावना है। आयात शुल्क में कटौती समझौते के लागू होने की तिथि से प्रभावी होगी — कुछ उत्पादों पर शुल्क तत्काल समाप्त होगा, जबकि अन्य पर धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके से कटौती की जाएगी।
किन उत्पादों पर मिलेगी शुल्क राहत?
समझौते के तहत भारत अमेरिकी औद्योगिक उत्पादों के साथ-साथ कई कृषि और खाद्य वस्तुओं पर शुल्क कम या समाप्त करेगा। इनमें निम्नलिखित प्रमुख उत्पाद शामिल हैं:
- सूखे अनाज अवशेष (ड्राय डिस्टिलर्स ग्रेन्स) और रेड सोरघम (पशु आहार के रूप में)
- वॉलनट, बादाम, पिस्ता, और विशेष प्रकार की दालें
- शराब, वाइन और अन्य एल्कोहलिक पेय
- ताजे एवं प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल
- अमेरिकी उच्च-स्तरीय कारें और मोटरसाइकिलें
गैर-शुल्कीय बाधाओं का समाधान
दोनों देशों ने लंबे समय से चली आ रही गैर-शुल्कीय बाधाओं को दूर करने पर सहमति व्यक्त की है। भारत अमेरिकी चिकित्सा उपकरणों और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) उत्पादों के लिए आयात लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं को सरल बनाएगा। यह विशेष रूप से डेटा केंद्रों और औद्योगिक गतिविधियों के लिए आवश्यक है। साथ ही खाद्य और कृषि उत्पादों के आयात में भी सुगमता लाई जाएगी।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- यह समझौता भारत और अमेरिका के बीच एक चरणबद्ध द्विपक्षीय व्यापार समझौता है।
- शुल्क में छूट मुख्य रूप से अमेरिकी औद्योगिक, कृषि और शराब उत्पादों पर लागू होगी।
- गैर-शुल्कीय बाधाएं, जैसे कि मेडिकल डिवाइसेज और ICT उत्पादों की लाइसेंसिंग, इस समझौते में शामिल हैं।
- कुछ रियायतें कोटा-आधारित होंगी या धीरे-धीरे लागू की जाएंगी।
पारस्परिक लाभ और सुरक्षा उपाय
भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री के अनुसार, यह समझौता किसानों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) के हितों की रक्षा करते हुए किया गया है। सेब जैसे संवेदनशील उत्पादों पर न्यूनतम आयात मूल्य (Minimum Import Price) तय किया गया है। बदले में, भारत से अमेरिका को होने वाले मसाले, चाय, कॉफी, काजू, नारियल उत्पाद, फल, मेवे और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ जैसे निर्यात पर शून्य शुल्क लगेगा, जिससे भारतीय उत्पादकों को वैश्विक बाज़ार में बेहतर पहुंच मिलेगी।
यह व्यापार समझौता भारत के वैश्विक व्यापार दृष्टिकोण को सशक्त बनाता है और दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक आर्थिक सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।