भारतीय सेना में DIME प्लेटफॉर्म की शुरुआत: लॉजिस्टिक्स के डिजिटलीकरण की दिशा में क्रांतिकारी कदम

भारतीय सेना में DIME प्लेटफॉर्म की शुरुआत: लॉजिस्टिक्स के डिजिटलीकरण की दिशा में क्रांतिकारी कदम

भारतीय सेना ने अपनी लॉजिस्टिक्स प्रणाली को आधुनिक और प्रौद्योगिकी-सक्षम बनाने के लिये एक नया ऑल-इंडिया डिजिटल प्लेटफॉर्म “DIME” (Depot Integration Management Edition) लॉन्च किया है। यह पहल सेना की आपूर्ति श्रृंखला को डेटा-संचालित और कुशल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे वास्तविक समय में संसाधनों की स्थिति की निगरानी संभव हो सकेगी।

DIME का मुख्य उद्देश्य है:

  • यूनिट स्तर से लेकर सेना मुख्यालय तक लॉजिस्टिक वस्तुओं की स्थिति का वास्तविक समय में अवलोकन
  • विभिन्न डिपो और संरचनाओं में लॉजिस्टिक्स डेटा का एकीकरण
  • सेना के सभी स्तरों पर कमांडरों को इन्वेंट्री की स्थिति, आपूर्ति की आवाजाही और लॉजिस्टिक्स तत्परता की स्पष्ट जानकारी प्रदान करना

यह प्लेटफॉर्म भारतीय सेना के डेटा-संचालित निर्णय प्रणाली की ओर बढ़ने की दिशा में एक रणनीतिक बदलाव का संकेत है।

DIME का विकास भारतीय सेना और भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग और भू-सूचना विज्ञान संस्थान (BISAG-N) द्वारा संयुक्त रूप से किया गया है। इस प्लेटफॉर्म की प्रमुख विशेषताएं:

  • सभी डिपो और यूनिट्स में मानकीकृत डिजिटल वर्कफ्लो को लागू करना
  • मैनुअल और बिखरी हुई प्रक्रियाओं को समाप्त करके एकीकृत डिजिटल प्रणाली का निर्माण
  • गति, सटीकता और जवाबदेही में सुधार करना

इससे लॉजिस्टिक्स प्रबंधन में पारदर्शिता और दक्षता का नया मानक स्थापित होगा।

DIME में इंटीग्रेटेड डैशबोर्ड, एक्सेप्शन-बेस्ड अलर्ट और पूर्वानुमानात्मक स्टॉक विश्लेषण जैसे उपकरण शामिल हैं, जो निम्नलिखित लाभ प्रदान करते हैं:

  • प्रोएक्टिव लॉजिस्टिक्स प्लानिंग
  • भविष्य में कमी की पहचान और त्वरित समाधान
  • संसाधनों का कुशल पुनर्वितरण

इसके अलावा, यह प्लेटफॉर्म कागजी कार्यवाही को लगभग 70% तक कम कर सकता है और लॉजिस्टिक्स चक्र को एक-तिहाई तक संकुचित करने में सहायक है।

  • DIME का पूर्ण रूप है: Depot Integration Management Edition
  • यह प्लेटफॉर्म भारतीय सेना और BISAG-N द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है।
  • इसका उद्देश्य है सेना में लगभग वास्तविक समय में लॉजिस्टिक्स संसाधनों की निगरानी
  • DIME से कागजी कार्य में 70% तक की कमी और लॉजिस्टिक्स चक्र में 33% तक की कमी संभावित है।

DIME के माध्यम से लॉजिस्टिक्स परिसंपत्तियों की एंड-टू-एंड दृश्यता सुनिश्चित होती है, जिससे:

  • सेना की ऑपरेशनल रेडीनेस बढ़ती है
  • निर्णय-निर्माण सटीक और समयोचित होता है
  • आपूर्ति श्रृंखला लचीलापन सुनिश्चित होता है
  • शांति और संघर्ष दोनों स्थितियों में तेजी से प्रतिक्रिया देने में सहायता मिलती है

इस तरह, DIME न केवल एक तकनीकी समाधान है, बल्कि यह आधुनिक युद्ध स्थितियों में निर्णायक बढ़त देने वाली प्रणाली भी बन सकता है।

Originally written on January 13, 2026 and last modified on January 13, 2026.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *