‘भव्य भारत भूषण अवॉर्ड’ की शुरुआत: राष्ट्रनिर्माण में उत्कृष्ट योगदान का सम्मान

‘भव्य भारत भूषण अवॉर्ड’ की शुरुआत: राष्ट्रनिर्माण में उत्कृष्ट योगदान का सम्मान

आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने ‘भव्य भारत भूषण अवॉर्ड’ नामक एक राष्ट्रीय सम्मान की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य भारत की प्रगति और समग्र कल्याण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करना है। इस पुरस्कार का प्रथम वितरण महाशिवरात्रि समारोह के अवसर पर कोयंबटूर स्थित ईशा योग केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में किया गया, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। यह पहल विविध क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले नागरिकों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

पुरस्कार का उद्देश्य और दृष्टि

‘भव्य भारत भूषण अवॉर्ड’ का उद्देश्य उन व्यक्तियों को सम्मानित करना है जिन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा, व्यापार, कला एवं मनोरंजन, खेल, सामुदायिक कल्याण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा साहित्य एवं शिक्षा जैसे क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान दिया है। ईशा फाउंडेशन के अनुसार, यह सम्मान उन नागरिकों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का माध्यम है जिनके कार्यों ने देश की सामाजिक, सांस्कृतिक और तकनीकी संरचना को सुदृढ़ बनाया है।

इस पुरस्कार के माध्यम से दीर्घकालिक सेवा, नवाचार और परिवर्तनकारी प्रभाव को पहचान देने का प्रयास किया गया है, ताकि समाज में सकारात्मक प्रेरणा का संचार हो सके।

महाशिवरात्रि समारोह और विशिष्ट अतिथि

पुरस्कार वितरण समारोह वार्षिक महाशिवरात्रि उत्सव के दौरान आयोजित किया गया, जो भगवान शिव को समर्पित एक प्रमुख हिंदू पर्व है। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालु और विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को सम्मानित करते हुए राष्ट्रनिर्माण में उनके योगदान की सराहना की।

आध्यात्मिक वातावरण में आयोजित इस कार्यक्रम ने सांस्कृतिक परंपराओं और समकालीन उपलब्धियों के समन्वय को प्रदर्शित किया। इस आयोजन ने यह संदेश भी दिया कि आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक-व्यावसायिक उत्कृष्टता परस्पर पूरक हो सकते हैं।

प्रमुख पुरस्कार विजेता और उनका योगदान

सम्मानित व्यक्तियों में प्रख्यात वायलिन वादक एन. राजम शामिल थीं, जिन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने इस सम्मान के लिए आभार व्यक्त करते हुए आश्रम से अपने लंबे जुड़ाव का उल्लेख किया।

इसके अतिरिक्त भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के पूर्व अध्यक्ष एस. किरण कुमार को भी यह पुरस्कार प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि दशकों से चल रहे भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के सामूहिक प्रयासों का प्रतीक है। उन्होंने उपग्रह प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष मिशनों के माध्यम से देशहित में किए गए कार्यों को रेखांकित किया।

यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्त्वपूर्ण बिंदु

महाशिवरात्रि भगवान शिव को समर्पित एक प्रमुख वार्षिक हिंदू पर्व है।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन की स्थापना 1969 में हुई थी।
राजनाथ सिंह वर्तमान में भारत के रक्षा मंत्री हैं।
ईशा फाउंडेशन की स्थापना सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने की थी।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

भारत में विभिन्न क्षेत्रों में योगदान के लिए कई नागरिक सम्मान प्रदान किए जाते हैं।
अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का उपयोग संचार, मौसम पूर्वानुमान और आपदा प्रबंधन में होता है।
भारतीय शास्त्रीय संगीत की परंपरा विश्व स्तर पर सम्मानित है।
आध्यात्मिक संगठनों द्वारा सामाजिक और शैक्षिक गतिविधियों का संचालन भी किया जाता है।

‘भव्य भारत भूषण अवॉर्ड’ की शुरुआत से भारत में नागरिक सम्मान की परंपरा को एक नया आयाम मिला है। यह पहल विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ राष्ट्रनिर्माण की बहुआयामी प्रक्रिया को भी रेखांकित करती है। सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक उपलब्धियों के इस संगम से प्रेरित होकर समाज के अन्य वर्ग भी देश के विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित हो सकते हैं।

Originally written on February 17, 2026 and last modified on February 17, 2026.

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