ब्रह्मांड की अदृश्य संरचना का खुलासा: जेम्स वेब टेलीस्कोप से बनी अब तक की सबसे विस्तृत डार्क मैटर मैप
वैज्ञानिकों ने डार्क मैटर का अब तक का सबसे विस्तृत नक्शा तैयार किया है, जिसने ब्रह्मांड की अदृश्य रूपरेखा को अभूतपूर्व स्पष्टता से सामने रखा है। जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) द्वारा किए गए अवलोकनों पर आधारित यह मैप यह समझने में मदद करता है कि आकाशगंगाएँ कैसे बनीं और विकसित हुईं, खासकर उस युग में जब ब्रह्मांड में तेजी से संरचनाएं बन रही थीं।
डार्क मैटर: ब्रह्मांड की अदृश्य शक्ति
हम जो “साधारण पदार्थ” जानते हैं—जैसे तारे, ग्रह और जीव—वह ब्रह्मांड के कुल पदार्थ का केवल 15% है। शेष 85% भाग डार्क मैटर कहलाता है, जो न तो प्रकाश उत्पन्न करता है, न परावर्तित करता है, और न ही अवशोषित करता है। इसकी उपस्थिति केवल गुरुत्वीय प्रभावों से आंकी जाती है—जैसे आकाशगंगाओं का घूमना, गैलेक्सी क्लस्टर्स की स्थिरता, और दूरस्थ वस्तुओं से आने वाले प्रकाश का मुड़ना।
गुरुत्वीय लेन्सिंग: अदृश्य को देखने का उपकरण
इस नक्शे को वीक ग्रेविटेशनल लेन्सिंग (weak gravitational lensing) नामक तकनीक से तैयार किया गया है। जब दूर की आकाशगंगाओं से प्रकाश ब्रह्मांड से होकर आता है, तो बीच में मौजूद विशाल संरचनाएं उस प्रकाश को थोड़ा मोड़ देती हैं।
वैज्ञानिकों ने लगभग 2.5 लाख पृष्ठभूमि आकाशगंगाओं की आकृति में हुए इस सूक्ष्म विरूपण का विश्लेषण कर साधारण और डार्क मैटर दोनों की वितरण संरचना का पुनर्निर्माण किया है।
पहले के हबल डेटा से आगे
इससे पहले डार्क मैटर के बड़े पैमाने के नक्शे हबल स्पेस टेलीस्कोप पर आधारित थे। लेकिन वेब टेलीस्कोप की इन्फ्रारेड क्षमता और अधिक प्रकाश ग्रहण करने की शक्ति ने दोगुना अधिक संकल्प (resolution) के साथ और भी पीछे के समय की झलक प्रदान की। यह नया नक्शा 8 से 10 अरब वर्ष पूर्व की ब्रह्मांडीय घटनाओं को दिखाता है—वह समय जब आकाशगंगाएँ सक्रिय रूप से बन रही थीं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- डार्क मैटर ब्रह्मांड के कुल पदार्थ का लगभग 85% है।
- वीक ग्रेविटेशनल लेन्सिंग का उपयोग अदृश्य द्रव्यमान को मैप करने के लिए किया जाता है।
- जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप मुख्यतः इन्फ्रारेड तरंगदैर्ध्य में कार्य करता है।
- COSMOS Survey एक प्रमुख खगोलीय क्षेत्र है जो ब्रह्मांडीय संरचनाओं के अध्ययन के लिए प्रयोग होता है।
ब्रह्मांडीय वेब और आकाशगंगा निर्माण के मॉडल
नए मैप में वैज्ञानिकों ने कोस्मिक वेब को असाधारण विस्तार से देखा है—जिसमें सघन आकाशगंगा समूह, विशाल डार्क मैटर फिलामेंट्स और न्यूनतम घनत्व वाले रिक्त क्षेत्र शामिल हैं।
ये संरचनाएं Lambda-CDM (लैम्ब्डा कोल्ड डार्क मैटर) मॉडल की भविष्यवाणियों से मेल खाती हैं, जिसमें डार्क मैटर को आकाशगंगा निर्माण के गुरुत्वीय आधार के रूप में देखा गया है।
इस नक्शे से डार्क मैटर हैलो की सटीक स्थिति का पता चला है, जो आकाशगंगाओं की उत्पत्ति और विकास की विस्तृत समझ प्रदान करता है। यह खोज ब्रह्मांड के प्रारंभिक समरूप अवस्था से वर्तमान जटिल संरचना तक के रूपांतरण को समझने में वैज्ञानिकों की मदद करेगी।
यह उपलब्धि न केवल खगोलशास्त्र में एक मील का पत्थर है, बल्कि यह ब्रह्मांड के सबसे रहस्यमय घटकों में से एक—डार्क मैटर—की खोज में एक नया दृष्टिकोण प्रदान करती है।