बैडमिंटन एशिया टीम चैंपियनशिप 2026: क़िंगदाओ में भारत की चुनौती और संभावनाएं

बैडमिंटन एशिया टीम चैंपियनशिप 2026: क़िंगदाओ में भारत की चुनौती और संभावनाएं

बैडमिंटन एशिया टीम चैंपियनशिप का छठा संस्करण चीन के क़िंगदाओ शहर में शुरू हो गया है, जिसमें एशिया की शीर्ष पुरुष और महिला राष्ट्रीय टीमें भाग ले रही हैं। यह प्रतिष्ठित महाद्वीपीय प्रतियोगिता न केवल एशियाई टीमों के वर्चस्व का मंच है, बल्कि वैश्विक रैंकिंग और आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों से पहले लय हासिल करने के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।

पीवी सिंधु की गैरमौजूदगी में महिला टीम का खिताब बचाने का प्रयास

भारत की महिला टीम 2026 में अपने खिताब की रक्षा कर रही है, हालांकि इस बार दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु टूर्नामेंट में भाग नहीं ले रही हैं। उनकी अनुपस्थिति में टीम युवा प्रतिभाओं और उभरते खिलाड़ियों के दम पर आगे बढ़ेगी। ग्रुप वाई में भारत को चौथी वरीयता प्राप्त थाईलैंड और म्यांमार के साथ रखा गया है।

टीम में तन्वी शर्मा, उन्नति हुड्डा और मालविका बंसोड़ जैसे युवा खिलाड़ी शामिल हैं, जबकि युगल वर्ग में अनुभवी जोड़ी त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद भारतीय चुनौती का नेतृत्व करेंगी। यह टीम भविष्य की संभावनाओं को भी मजबूत करने का अवसर है।

पुरुष टीम को मिला चुनौतीपूर्ण ग्रुप

पुरुष टीम को ग्रुप सी में रखा गया है, जहां उसे चौथी वरीयता प्राप्त जापान और सिंगापुर जैसी मजबूत टीमों का सामना करना होगा। भारतीय पुरुष दल में लक्ष्य सेन, एचएस प्रणय और किदांबी श्रीकांत जैसे अनुभवी एकल खिलाड़ी शामिल हैं। युगल में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की विश्वस्तरीय जोड़ी भारत की उम्मीदों की अगुवाई करेगी। यह टीम अनुभव और आक्रमकता का संतुलन लेकर मैदान में उतरेगी।

टूर्नामेंट प्रारूप और कार्यक्रम

बैडमिंटन एशिया टीम चैंपियनशिप में पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग टीम प्रतियोगिताएं होती हैं। प्रारंभिक दौर में टीमों को समूहों में बांटा गया है, जिसके बाद नॉकआउट राउंड खेले जाएंगे। भारत की दोनों टीमें बुधवार से अपने-अपने अभियान की शुरुआत करेंगी, और शुरुआती मैच जीतकर नॉकआउट चरण में स्थान बनाने की दिशा में मजबूत कदम रखना चाहेंगी।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • बैडमिंटन एशिया टीम चैंपियनशिप हर दो साल में आयोजित की जाती है।
  • 2026 संस्करण चीन के क़िंगदाओ शहर में हो रहा है।
  • भारत महिला वर्ग में गत चैंपियन है।
  • प्रतियोगिता में पुरुष और महिला टीमों के लिए अलग-अलग टीम मुकाबले होते हैं।

क़िंगदाओ में भारत की संभावनाएं

जहां महिला टीम एक वरिष्ठ खिलाड़ी की गैरमौजूदगी में नए चेहरों के साथ आगे बढ़ रही है, वहीं पुरुष टीम अनुभव और कौशल के संतुलन के साथ एक मजबूत दावेदार के रूप में मैदान में है। यह टूर्नामेंट भारत के लिए न केवल पदक जीतने का अवसर है, बल्कि युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव देने और दीर्घकालीन टीम निर्माण के लिहाज़ से भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

भारत की दोनों टीमें इस चैंपियनशिप में एशिया के सर्वोत्तम के खिलाफ अपनी क्षमताओं को साबित करने और वैश्विक मंच पर लय हासिल करने के लिए तैयार हैं।

Originally written on February 4, 2026 and last modified on February 4, 2026.

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