बेंगलुरु में 44वीं जूनियर राष्ट्रीय खो-खो चैम्पियनशिप का शुभारंभ: देशभर के युवा खिलाड़ियों को मिला मंच
भारत के पारंपरिक खेलों में से एक खो-खो को प्रोत्साहित करते हुए 44वीं जूनियर राष्ट्रीय खो-खो चैम्पियनशिप का भव्य शुभारंभ बेंगलुरु के अटल बिहारी वाजपेयी स्टेडियम, गुनजूर में हुआ। यह राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता देश के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से आए लगभग 1,000 युवा खिलाड़ियों को एक मंच पर लेकर आई है। बालक एवं बालिका दोनों वर्गों में आयोजित इस चैम्पियनशिप का उद्देश्य है—देश के कोने-कोने से प्रतिभाशाली युवाओं की खोज और उनके कौशल को निखारने के लिए उपयुक्त अवसर प्रदान करना।
मजबूत भागीदारी और प्रतिस्पर्धी शुरुआत
प्रतियोगिता के पहले दिन 40 से अधिक मुकाबले आयोजित किए गए, जिससे प्रतिभागियों की संख्या और उनकी प्रतिस्पर्धात्मक भावना का अंदाज़ा लगाया जा सकता है। आयोजन का ढांचा लीग-कम-नॉकआउट प्रारूप में तय किया गया है, जिससे खिलाड़ियों को प्रारंभिक चरणों में पर्याप्त मैच अनुभव प्राप्त हो और फिर वे निर्णायक राउंड में भाग ले सकें। सेमीफाइनल मुकाबले 3 जनवरी को और फाइनल 4 जनवरी को खेले जाएंगे, जो टूर्नामेंट को एक रोमांचक समापन देंगे।
उद्घाटन समारोह और संगठनों की भागीदारी
इस प्रतियोगिता का विधिवत उद्घाटन पूर्व मंत्री एच. नागेश द्वारा किया गया। भारतीय खो-खो महासंघ (KKFI) और कर्नाटक राज्य खो-खो संघ (KSKKA) के अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित रहे, जो खेल को संस्थागत समर्थन प्रदान करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। टूर्नामेंट का संचालन राष्ट्रीय महासंघ के मानकों के अनुरूप किया जा रहा है, जिसमें निर्णायकों, आयोजकों और प्रबंधकों की पूर्ण तैयारी सुनिश्चित की गई है।
खिलाड़ी विकास और अधोसंरचना पर विशेष ध्यान
KKFI के अध्यक्ष सुधांशु मित्तल ने कहा कि यह चैम्पियनशिप देश के युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन करने और सीखने का दुर्लभ अवसर प्रदान करती है। वहीं, KSKKA अध्यक्ष लोकेश्वर ने बताया कि प्रशिक्षण पद्धतियों, कोचिंग समर्थन और खेल सुविधाओं में सुधार ने खिलाड़ियों की तैयारी और प्रदर्शन स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- भारतीय खो-खो महासंघ (KKFI) देश में खो-खो खेल का शीर्ष संगठन है।
- जूनियर राष्ट्रीय चैम्पियनशिप का उद्देश्य 18 वर्ष से कम आयु के खिलाड़ियों की प्रतिभा को विकसित करना है।
- लीग-कम-नॉकआउट प्रारूप खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ अनुभव भी प्रदान करता है।
- खो-खो एक भारतीय पारंपरिक खेल के रूप में मान्यता प्राप्त है।
आगामी राष्ट्रीय खो-खो प्रतियोगिताएं
जूनियर चैम्पियनशिप के बाद, 58वीं सीनियर राष्ट्रीय खो-खो चैम्पियनशिप 11 से 15 जनवरी तक काज़ीपेट, तेलंगाना में आयोजित होगी। इसके अलावा, 35वीं सब-जूनियर राष्ट्रीय खो-खो चैम्पियनशिप 31 जनवरी से 4 फरवरी तक कुरुक्षेत्र, हरियाणा में आयोजित की जाएगी। ये सभी आयोजन खो-खो खेल के लिए एक सघन और सक्रिय राष्ट्रीय कैलेंडर को दर्शाते हैं।
यह आयोजन केवल खेल का उत्सव नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत को संरक्षित और प्रोत्साहित करने का जीवंत प्रयास है, जो आने वाली पीढ़ियों को आत्मनिर्भरता और अनुशासन की भावना भी सिखाता है।