बुल्गारिया में अंतरिम सरकार की नियुक्ति और राजनीतिक अस्थिरता
यूरोपीय संघ और नाटो के सदस्य देश बुल्गारिया में लगातार जारी राजनीतिक अस्थिरता के बीच राष्ट्रपति इलियाना योतोवा ने केंद्रीय बैंक के उप-गवर्नर आंद्रेई ग्युरोव को अंतरिम प्रधानमंत्री नियुक्त किया है। यह कदम 19 अप्रैल को प्रस्तावित राष्ट्रीय चुनावों से पहले प्रशासनिक स्थिरता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। पिछले पांच वर्षों में आठवीं बार चुनाव कराने की स्थिति ने देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया और संस्थागत विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं।
राष्ट्रपति योतोवा ने घोषणा की है कि आंद्रेई ग्युरोव सात दिनों के भीतर अपनी मंत्रिपरिषद का प्रस्ताव पेश करेंगे। राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद औपचारिक रूप से चुनाव की तारीख अधिसूचित की जाएगी। अंतरिम सरकार का मुख्य दायित्व निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनावों का आयोजन करना होगा।
बुल्गारिया में पिछले कुछ वर्षों से गठबंधन सरकारें टिकाऊ साबित नहीं हुई हैं। संसद में गहरे मतभेदों और दलों के बीच विश्वास की कमी के कारण स्थायी सरकार का गठन बार-बार विफल रहा है। इसके परिणामस्वरूप बार-बार चुनाव कराने की नौबत आई, जिससे आम जनता में असंतोष और राजनीतिक थकान बढ़ी है। अंतरिम व्यवस्था का उद्देश्य प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखना और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुचारु रखना है।
50 वर्षीय आंद्रेई ग्युरोव वर्तमान में बुल्गारियन नेशनल बैंक के उप-गवर्नर के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अमेरिका के ट्रूमैन स्टेट यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में स्नातक और ऑस्ट्रिया के वियना विश्वविद्यालय से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। वर्ष 2023 में केंद्रीय बैंक से जुड़ने से पहले वे सुधारवादी दल “वी कंटिन्यू द चेंज” के सांसद और संसदीय दल के नेता रह चुके हैं।
वित्तीय और अकादमिक पृष्ठभूमि के कारण उन्हें आर्थिक संक्रमण के दौर में स्थिरता का प्रतीक माना जा रहा है। विशेष रूप से यूरो क्षेत्र में प्रवेश के बाद व्यापक आर्थिक प्रबंधन और राजकोषीय अनुशासन बनाए रखना सरकार के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है। ऐसे में एक अनुभवी अर्थशास्त्री की नियुक्ति को सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
2025 के अंत में देशभर में भ्रष्टाचार, न्यायिक असमानता और कुलीन प्रभाव के आरोपों को लेकर व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए। इन प्रदर्शनों के चलते केंद्र-दक्षिणपंथी जीईआरबी पार्टी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार को इस्तीफा देना पड़ा। इसके बाद नई सरकार बनाने के कई प्रयास किए गए, लेकिन संसद में गहरी विभाजन रेखाओं के कारण सफलता नहीं मिली।
लगातार चुनाव और अल्पकालिक सरकारों ने शासन की निरंतरता को प्रभावित किया है। राजनीतिक दलों की बहुलता और वैचारिक मतभेदों ने स्थायी गठबंधन बनाना कठिन बना दिया है, जिससे प्रशासनिक निर्णयों में देरी और नीतिगत अनिश्चितता बढ़ी है।
- बुल्गारिया यूरोपीय संघ और नाटो दोनों का सदस्य देश है।
- बुल्गारिया ने वर्ष 2026 में यूरो मुद्रा को आधिकारिक रूप से अपनाया।
- बुल्गारिया की संसद में प्रवेश के लिए किसी भी दल को राष्ट्रीय मतों का न्यूनतम 4 प्रतिशत प्राप्त करना आवश्यक है।
- बार-बार होने वाले आकस्मिक चुनाव आमतौर पर खंडित दल-प्रणाली और अस्थिर गठबंधन राजनीति का संकेत देते हैं।
आगामी चुनावों के परिणाम पर ही बुल्गारिया की राजनीतिक दिशा निर्भर करेगी। विश्लेषकों का मानना है कि यदि स्पष्ट बहुमत नहीं उभरता, तो देश में अस्थिरता का दौर जारी रह सकता है। फिलहाल अंतरिम सरकार से उम्मीद की जा रही है कि वह प्रशासनिक संतुलन बनाए रखते हुए निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराए और लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का विश्वास पुनर्स्थापित करे।