बीएचयू ने राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता 2026 में हासिल किया पहला स्थान

बीएचयू ने राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता 2026 में हासिल किया पहला स्थान

देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में शामिल बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) ने एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता 2026 में प्रथम स्थान प्राप्त कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यह प्रतियोगिता लखनऊ स्थित इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में आयोजित की गई, जिसमें देशभर के विधि छात्रों ने भाग लिया। बीएचयू की यह जीत उसके छात्रों की उत्कृष्ट वकालत क्षमता, गहन कानूनी शोध और प्रभावशाली प्रस्तुति कौशल को दर्शाती है।

प्रतियोगिता का स्वरूप और भागीदारी

यह तीन दिवसीय प्रतियोगिता 9 से 11 अप्रैल के बीच आयोजित की गई, जिसमें लगभग 40 टीमों ने हिस्सा लिया। देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए प्रतिभागियों ने इस मंच पर अपनी कानूनी समझ और तर्क क्षमता का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के प्रारंभिक और क्वार्टर फाइनल राउंड 10 अप्रैल को हुए, जबकि इसके बाद एलिमिनेशन राउंड के जरिए फाइनल तक पहुंचा गया। मूट कोर्ट प्रतियोगिता में वास्तविक अदालत जैसा वातावरण तैयार किया जाता है, जहां छात्र न्यायालय की प्रक्रिया का अभ्यास करते हुए केस प्रस्तुत करते हैं।

विजेता और अन्य पुरस्कार

बीएचयू की टीम ने प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया और उन्हें 25,000 रुपये की पुरस्कार राशि के साथ ट्रॉफी और मेडल प्रदान किए गए। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने उपविजेता का स्थान प्राप्त किया और उसे 11,000 रुपये का नकद पुरस्कार मिला। इसके अलावा विभिन्न श्रेणियों में भी विशेष पुरस्कार दिए गए, जिनमें कानूनी शोध, मेमोरियल ड्राफ्टिंग और मौखिक प्रस्तुति जैसे कौशलों को सम्मानित किया गया।

विभिन्न संस्थानों को मिली पहचान

इस प्रतियोगिता में कई अन्य विश्वविद्यालयों के छात्रों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। राम मनोहर लोहिया विश्वविद्यालय को ‘बेस्ट रिसर्चर’ का पुरस्कार मिला, जबकि आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ को ‘बेस्ट मेमोरियल’ के लिए सम्मानित किया गया। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी की मल्लिका चड्ढा को ‘बेस्ट स्पीकर’ का खिताब मिला। इसके अतिरिक्त अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय और लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रों को भी उनके प्रदर्शन के लिए सराहा गया।

मूट कोर्ट प्रतियोगिताओं का महत्व

मूट कोर्ट प्रतियोगिताएं विधि छात्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती हैं क्योंकि यह उन्हें वास्तविक अदालत जैसी परिस्थितियों में अभ्यास करने का अवसर देती हैं। इससे छात्रों में कानूनी तर्क क्षमता, शोध कौशल, आत्मविश्वास और सार्वजनिक भाषण की दक्षता विकसित होती है। ऐसे आयोजनों से छात्रों को व्यावहारिक अनुभव मिलता है, जो उनके भविष्य के करियर के लिए बेहद उपयोगी साबित होता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • बनारस हिंदू विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित एक प्रमुख केंद्रीय विश्वविद्यालय है।
  • मूट कोर्ट प्रतियोगिता में छात्र काल्पनिक मामलों पर अदालत की तरह बहस करते हैं।
  • एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज भारत में उच्च शिक्षा संस्थानों का समन्वय करने वाली संस्था है।
  • इंटीग्रल यूनिवर्सिटी, लखनऊ इस प्रतियोगिता की मेजबान संस्था रही।

बीएचयू की यह सफलता न केवल संस्थान के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि भारतीय विश्वविद्यालयों में व्यावहारिक शिक्षा और कौशल विकास पर लगातार जोर दिया जा रहा है। ऐसे मंच छात्रों को अपने ज्ञान को वास्तविक जीवन में लागू करने का अवसर देते हैं, जिससे वे भविष्य में बेहतर विधि विशेषज्ञ बन सकते हैं।

Originally written on April 13, 2026 and last modified on April 13, 2026.

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