बीआरिक्स औद्योगिक दक्षता केंद्र में भारत की भागीदारी: विनिर्माण और एमएसएमई क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा

बीआरिक्स औद्योगिक दक्षता केंद्र में भारत की भागीदारी: विनिर्माण और एमएसएमई क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा

भारत ने आधिकारिक रूप से बीआरिक्स औद्योगिक दक्षता केंद्र (BRICS Centre for Industrial Competencies – BCIC) में शामिल होकर बीआरिक्स देशों के साथ औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह घोषणा वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा आयोजित कार्यक्रम में नई दिल्ली स्थित वाणिज्य भवन में की गई।

बीआरिक्स औद्योगिक दक्षता केंद्र क्या है?

BCIC की स्थापना संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन (UNIDO) के सहयोग से की गई है। यह एक वन-स्टॉप प्लेटफॉर्म है जो बीआरिक्स देशों में विनिर्माण इकाइयों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) को एकीकृत सहायता सेवाएं प्रदान करता है। इसका फोकस निम्नलिखित क्षेत्रों पर है:

  • इंडस्ट्री 4.0 क्षमताओं का विकास (जैसे स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटलीकरण)
  • उत्पादकता में सुधार
  • कौशल उन्नयन और तकनीकी अनुकूलन

UNIDO के साथ ट्रस्ट फंड समझौता

इस अवसर पर भारत की BCIC भागीदारी को औपचारिक रूप देने हेतु DPIIT और UNIDO के बीच एक ट्रस्ट फंड समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता DPIIT के आर्थिक सलाहकार अग्रिम कौशल और UNIDO के निदेशक डॉ. क्रिस्टियानो पासिनी द्वारा हस्ताक्षरित किया गया। यह समझौता भारत की BCIC गतिविधियों में भागीदारी के लिए संस्थागत और वित्तीय ढांचा प्रदान करता है।

भारत के लिए नोडल केंद्र: राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद (NPC)

भारत में BCIC की गतिविधियों का संचालन राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद (NPC) द्वारा किया जाएगा, जिसे भारत केंद्र के रूप में नामित किया गया है। यह कार्य DPIIT के नीतिगत मार्गदर्शन और UNIDO के तकनीकी सहयोग के अंतर्गत किया जाएगा। NPC का कार्यक्षेत्र होगा:

  • क्षमता निर्माण
  • उत्पादकता में वृद्धि
  • MSME इकाइयों में उन्नत विनिर्माण प्रक्रियाओं को बढ़ावा देना

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • BCIC बीआरिक्स देशों के लिए इंडस्ट्री 4.0 और विनिर्माण दक्षताओं पर केंद्रित पहल है।
  • इसका संचालन UNIDO के साथ साझेदारी में किया जाता है।
  • भारत की भागीदारी का समन्वय DPIIT (वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय) करता है।
  • राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद (NPC) भारत का नोडल केंद्र नामित किया गया है।

उच्चस्तरीय भागीदारी और रणनीतिक महत्व

इस आयोजन की अध्यक्षता DPIIT सचिव अमरदीप सिंह भाटिया ने की। इसमें NPC की महानिदेशक नीरजा शेखर, MSME मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, UNIDO, और FICCI जैसे उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। भारत की इस भागीदारी से न केवल बीआरिक्स देशों के साथ औद्योगिक सहयोग बढ़ेगा, बल्कि यह भारत के विनिर्माण-आधारित विकास और उत्पादकता वृद्धि एजेंडा को भी सशक्त बनाएगा।

यह पहल विशेष रूप से MSME सेक्टर के लिए उन्नत तकनीकों तक पहुंच, वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए अनुकूलता, और डिजिटल विनिर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।

Originally written on February 5, 2026 and last modified on February 5, 2026.

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