बिहार रेजिमेंट की 5वीं बटालियन ने मनाया 64वां स्थापना दिवस: सेवा, बलिदान और परंपरा का उत्सव

बिहार रेजिमेंट की 5वीं बटालियन ने मनाया 64वां स्थापना दिवस: सेवा, बलिदान और परंपरा का उत्सव

पटना स्थित दानापुर छावनी में बिहार रेजिमेंट सेंटर (BRC) ने बुधवार को अपनी 5वीं बटालियन का 64वां स्थापना दिवस पारंपरिक सैन्य गरिमा के साथ मनाया। इस अवसर ने न केवल बटालियन के अनुशासित सेवा इतिहास और परिचालन पेशेवरिता को उजागर किया, बल्कि देश की सुरक्षा में उसकी बहुआयामी भूमिका को भी रेखांकित किया।

दानापुर में सैन्य परंपराओं के साथ समारोह

स्थापना दिवस समारोह का आयोजन बिहार रेजिमेंट के ऐतिहासिक केंद्र दानापुर में किया गया, जो प्रशिक्षण और प्रशासनिक कार्यों का प्रमुख केंद्र है। विभिन्न रैंकों के सैन्यकर्मी एकत्रित हुए, जिससे भारतीय सेना की रेजिमेंटीय पहचान, परंपरा और सामूहिक स्मृति के प्रति प्रतिबद्धता का प्रदर्शन हुआ।

ऐसे आयोजन सेना में इकाई आधारित संस्कृति, एकता और सेवा के उच्च मानकों को कायम रखने की प्रेरणा देते हैं।

बटालियन का इतिहास और प्रारंभिक नेतृत्व

बिहार रेजिमेंट की 5वीं बटालियन की स्थापना 28 जनवरी 1963 को की गई थी। इसकी अगुवाई तत्कालीन कर्नल ऑफ द रेजिमेंट जरनैल संत सिंह ने की थी। इसके बाद 9 अगस्त 1963 को लेफ्टिनेंट कर्नल जे. एस. घड़ैया ने इसकी कमान संभाली।

समय के साथ, इस बटालियन ने प्रशिक्षण, ऑपरेशनल तत्परता और मजबूत रेजिमेंटीय मूल्यों के माध्यम से एक प्रतिष्ठित पहचान बनाई है, जो भारतीय सेना की इकाई-आधारित प्रणाली की रीढ़ है।

प्रमुख अभियानों में भागीदारी

अधिकारियों के अनुसार, बटालियन ने ऑपरेशन कैक्टस लिली, सनफ्लावर, ऑर्किड, मेघदूत, रक्षक और स्नो लेपर्ड जैसे अनेक अभियानों में भाग लिया है। विशेष रूप से बटालियन की तैनाती सियाचिन ग्लेशियर जैसे अत्यंत कठिन और ऊँचाई वाले युद्धक्षेत्रों में रही है।

इन अभियानों में भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि यह बटालियन पारंपरिक युद्ध संचालन, उच्च ऊंचाई पर ड्यूटी और आंतरिक सुरक्षा जैसे मिशनों में दक्ष और तैयार रही है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • दानापुर छावनी, पटना में स्थित है और यह बिहार रेजिमेंट का एक प्रमुख केंद्र है।
  • ऑपरेशन मेघदूत, भारत द्वारा सियाचिन ग्लेशियर पर सैन्य तैनाती से जुड़ा है।
  • स्थापना दिवस सेना की रेजिमेंटीय परंपरा का अभिन्न हिस्सा होता है।
  • सियाचिन ग्लेशियर दुनिया के सबसे ऊँचाई वाले सैन्य अभियानों में शामिल है, जहाँ विशेष प्रशिक्षण और लॉजिस्टिक्स की आवश्यकता होती है।

शहीदों को श्रद्धांजलि और रेजिमेंटीय भावना का पुनः संकल्प

समारोह के अंतर्गत ब्रिगेडियर राकेश कुमार बोहरा ने युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उनके साथ लेफ्टिनेंट कर्नल अंकुर मिश्रा और सूबेदार मेजर बिपिन कुमार, अन्य अधिकारी, जेसीओ और जवान भी उपस्थित थे।

यह आयोजन न केवल वीर सैनिकों के बलिदान को स्मरण करने का अवसर था, बल्कि 5वीं बटालियन की सेवा भावना और परिचालन उत्कृष्टता के संकल्प को भी सुदृढ़ करता है।

स्थापना दिवस की यह परंपरा सेना की उस विरासत को जीवंत रखती है, जो अनुशासन, समर्पण और मातृभूमि के प्रति सर्वोच्च बलिदान की प्रेरणा देती है।

Originally written on January 29, 2026 and last modified on January 29, 2026.

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