बाल्टिक देशों को अमेरिकी सुरक्षा सहायता: NATO की पूर्वी सीमा पर बढ़ती चिंताओं के बीच रणनीतिक समर्थन

बाल्टिक देशों को अमेरिकी सुरक्षा सहायता: NATO की पूर्वी सीमा पर बढ़ती चिंताओं के बीच रणनीतिक समर्थन

रूस की सैन्य गतिविधियों में तेजी और नाटो की पूर्वी सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच, अमेरिकी कांग्रेस ने एस्टोनिया, लातविया और लिथुआनिया के लिए $200 मिलियन की सुरक्षा सहायता को मंजूरी दी है। यह निर्णय अमेरिका की बाल्टिक क्षेत्र में निरोधक रणनीति और क्षेत्रीय स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

रक्षा विनियोग अधिनियम के अंतर्गत सहायता

यह सहायता वित्तीय वर्ष 2026 रक्षा विनियोग अधिनियम के तहत पारित की गई, जो कि अमेरिका के $838.7 बिलियन रक्षा बजट का हिस्सा है। यह अधिनियम बाल्टिक सुरक्षा पहल (Baltic Security Initiative) के अंतर्गत फंडिंग सुनिश्चित करता है, जिससे तीनों बाल्टिक देशों को सैन्य सहयोग और क्षमतावर्धन में मदद मिलेगी। यह विधेयक 3 फरवरी 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हस्ताक्षरित किया गया, हालांकि पहले पेंटागन द्वारा इस कार्यक्रम को बंद करने का प्रस्ताव भी रखा गया था।

एस्टोनिया को अतिरिक्त सैन्य वित्त पोषण

मुख्य सहायता राशि के अतिरिक्त, एस्टोनिया को $10 मिलियन की अतिरिक्त राशि Foreign Military Financing (FMF) कार्यक्रम के तहत प्रदान की गई है। एस्टोनिया ने पूर्व में इस फंडिंग का उपयोग HIMARS गोला-बारूद, जैवलिन एंटी-टैंक मिसाइलें, और बड़े कैलिबर के आर्टिलरी शेल्स खरीदने में किया है। अमेरिकी सांसदों ने इसे अग्रिम मोर्चे के सहयोगियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम बताया है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • बाल्टिक राष्ट्र — एस्टोनिया, लातविया और लिथुआनिया — नाटो के सदस्य हैं और इसकी पूर्वी सीमा पर स्थित हैं
  • Baltic Security Initiative इन देशों के साथ रक्षा सहयोग को समर्थन देता है।
  • नाटो संधि का अनुच्छेद 4 किसी सदस्य राष्ट्र को खतरे की स्थिति में परामर्श की अनुमति देता है।
  • Foreign Military Financing (FMF) मित्र देशों को अमेरिकी रक्षा उपकरण खरीदने में सक्षम बनाता है।

नाटो और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए रणनीतिक महत्व

हाउस बाल्टिक कॉकस के सह-अध्यक्ष रिपब्लिकन सांसद डॉन बेकन ने कहा कि यह फंडिंग न केवल नाटो सहयोगियों की प्रतिरक्षा क्षमता को सुदृढ़ करती है, बल्कि यह द्विदलीय अमेरिकी समर्थन का भी प्रतीक है। हाल ही में रूसी लड़ाकू विमानों द्वारा एस्टोनियाई वायु क्षेत्र का उल्लंघन और रूस-बेलारूस की संयुक्त हाइब्रिड गतिविधियों ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है। बाल्टिक देशों ने इस सहायता का स्वागत करते हुए इसे ट्रांस-अटलांटिक एकता और विकसित खतरों के प्रति साझा प्रतिक्रिया का स्पष्ट संकेत बताया।

यह निर्णय न केवल बाल्टिक क्षेत्र की सुरक्षा को सुदृढ़ करता है, बल्कि नाटो के सामूहिक रक्षा तंत्र को भी मज़बूत करता है — ऐसे समय में जब वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य तेजी से बदल रहा है।

Originally written on February 5, 2026 and last modified on February 5, 2026.

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