बायोएशिया 2026: टेकबायो नवाचार के केंद्र के रूप में उभरता तेलंगाना
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी हैदराबाद इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित बायोएशिया 2026 के 23वें संस्करण का उद्घाटन करेंगे। यह दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय जीवन विज्ञान शिखर सम्मेलन तेलंगाना को टेकबायो नवाचार और उन्नत स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी के उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करता है। इस वर्ष की थीम ‘टेकबायो अनलीश्ड – एआई, ऑटोमेशन और जीवन विज्ञान में क्रांतिकारी परिवर्तन’ है, जो जैव प्रौद्योगिकी और फार्मा अनुसंधान में डिजिटल तकनीकों के बढ़ते एकीकरण को दर्शाती है।
जीवन विज्ञान में एआई और ऑटोमेशन का प्रभाव
सम्मेलन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वचालन और डेटा-आधारित प्रणालियों द्वारा दवा खोज, बायोलॉजिक्स विकास और स्वास्थ्य सेवा वितरण में हो रहे बदलावों पर चर्चा की जाएगी। भारत जैव प्रौद्योगिकी और औषधि निर्माण में अपनी वैश्विक भूमिका को मजबूत कर रहा है, ऐसे में टेकबायो की भूमिका अनुसंधान को गति देने और विकास समयसीमा को कम करने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रतिनिधि अगली पीढ़ी के बायोलॉजिक्स, एआई-संचालित अनुसंधान एवं विकास, प्रयोगशालाओं और विनिर्माण में डिजिटल परिवर्तन तथा फार्मा और बायोटेक उद्योगों की भविष्य दिशा पर विचार-विमर्श करेंगे।
वैश्विक भागीदारी और प्रमुख वक्ता
मुख्यमंत्री अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे, जिसमें जीवन विज्ञान क्षेत्र की अग्रणी संस्थाएं भाग लेंगी। उद्योग मंत्री दुद्दिला श्रीधर बाबू भी इस आयोजन में शामिल होंगे।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रोफेसर ब्रूस एल. लेविन (यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया स्कूल ऑफ मेडिसिन) और डॉ. हावर्ड वाई. चांग (एमजेन के मुख्य वैज्ञानिक अधिकारी) जैसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिक सम्मेलन को संबोधित करेंगे। उनकी भागीदारी इस शिखर सम्मेलन के वैश्विक स्वरूप और अत्याधुनिक वैज्ञानिक सहयोग पर केंद्रित दृष्टिकोण को रेखांकित करती है।
‘तेलंगाना राइजिंग 2047’ की परिकल्पना
‘तेलंगाना राइजिंग 2047 – विश्वस्तरीय जीवन विज्ञान पारिस्थितिकी तंत्र’ की व्यापक थीम के अंतर्गत राज्य का लक्ष्य स्वयं को जैव प्रौद्योगिकी और फार्मास्युटिकल नवाचार के प्रमुख वैश्विक गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। हैदराबाद पहले से ही भारत के सबसे बड़े वैक्सीन और बल्क ड्रग निर्माण क्लस्टरों में से एक का केंद्र है, जिसे “जीनोम वैली” के नाम से भी जाना जाता है।
यह शिखर सम्मेलन शिक्षाविदों, उद्योग जगत और नीति निर्माताओं के बीच साझेदारी को प्रोत्साहित कर दीर्घकालिक आर्थिक और स्वास्थ्य लक्ष्यों के अनुरूप मजबूत नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने का प्रयास है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
* बायोएशिया तेलंगाना द्वारा आयोजित एक वार्षिक अंतरराष्ट्रीय जीवन विज्ञान शिखर सम्मेलन है।
* हैदराबाद को जैव प्रौद्योगिकी क्लस्टरों के कारण “जीनोम वैली” कहा जाता है।
* कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग दवा खोज और क्लिनिकल परीक्षणों में तेजी से बढ़ रहा है।
* बायोलॉजिक्स वे औषधियां हैं जो जीवित कोशिकाओं या उनके घटकों से तैयार की जाती हैं।
बायोएशिया 2026 भारत की टेकबायो क्षमता और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। वैश्विक विशेषज्ञों और उद्योग नेताओं को एक मंच पर लाकर यह सम्मेलन वैज्ञानिक नवाचार को गति देने, निवेश आकर्षित करने और तेलंगाना को विश्वस्तरीय जीवन विज्ञान केंद्र के रूप में सुदृढ़ करने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा।