बांग्लादेश का 13वां संसदीय चुनाव: लोकतांत्रिक संक्रमण की अग्निपरीक्षा
बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनाव के लिए मतदान गुरुवार को प्रारंभ हुआ। यह अगस्त 2024 में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के पदच्युत होने के बाद पहला राष्ट्रीय चुनाव है, जिसे व्यापक जन-आंदोलनों के बाद अंतरिम प्रशासन के गठन के साथ जोड़ा जा रहा है। यह चुनाव देश के लोकतांत्रिक संक्रमण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। मतदान सुबह 7:30 बजे से 299 निर्वाचन क्षेत्रों में शुरू हुआ, जबकि एक सीट पर प्रत्याशी के निधन के कारण मतदान रद्द कर दिया गया। मतगणना प्रक्रिया मतदान समाप्ति के तुरंत बाद शुरू होने की संभावना है।
अंतरिम सरकार और लोकतांत्रिक संक्रमण
वर्तमान में अंतरिम सरकार का नेतृत्व Muhammad Yunus कर रहे हैं, जिन्होंने मतदान को राष्ट्र के लिए “नवीकरण का क्षण” बताया है। यह चुनाव राजनीतिक स्थिरता और संस्थागत सुधारों की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता की परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।
चुनाव आयोग के अनुसार लगभग 12.7 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के पात्र हैं। पहली बार लगभग 8 लाख प्रवासी बांग्लादेशी आईटी आधारित डाक मतपत्र प्रणाली के माध्यम से मतदान कर रहे हैं, जो चुनावी प्रक्रिया में तकनीकी नवाचार का संकेत है।
84 सूत्रीय सुधार योजना पर जनमत-संग्रह
संसदीय चुनाव के साथ-साथ 84 बिंदुओं वाले व्यापक सुधार पैकेज पर जनमत-संग्रह भी आयोजित किया जा रहा है। इस पैकेज का उद्देश्य शासन प्रणाली का पुनर्गठन और संस्थागत सुदृढ़ीकरण है। अधिकारियों के अनुसार यह प्रक्रिया देश के इतिहास की सबसे जटिल चुनावी कवायदों में से एक है।
यह सुधार योजना प्रशासनिक पारदर्शिता, न्यायिक स्वतंत्रता और चुनावी ढांचे में सुधार जैसे मुद्दों को संबोधित करती है, जिससे दीर्घकालिक लोकतांत्रिक स्थिरता सुनिश्चित की जा सके।
प्रमुख राजनीतिक दल और चुनावी मुकाबला
मुख्य मुकाबला Bangladesh Nationalist Party और उसके पूर्व सहयोगी Jamaat-e-Islami के बीच है। पूर्व सत्तारूढ़ Awami League को अंतरिम सरकार द्वारा भंग कर चुनाव लड़ने से वंचित कर दिया गया है।
कुल 50 राजनीतिक दलों के 1,755 उम्मीदवार और 273 निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनमें 83 महिला उम्मीदवार शामिल हैं। बीएनपी ने सर्वाधिक 291 उम्मीदवार उतारे हैं। यह चुनाव राजनीतिक पुनर्संरचना और नए शक्ति संतुलन की दिशा में निर्णायक साबित हो सकता है।
अभूतपूर्व सुरक्षा प्रबंध
चुनाव आयोग ने लगभग 9 लाख से 10 लाख सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की है, जो देश के इतिहास की सबसे बड़ी सुरक्षा व्यवस्था मानी जा रही है। राजधानी ढाका सहित संवेदनशील क्षेत्रों में बख्तरबंद वाहन और त्वरित कार्रवाई दल तैनात किए गए हैं। ढाका के 2,131 मतदान केंद्रों में से 1,600 से अधिक को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है।
हालांकि कड़ी सुरक्षा के बावजूद सिलहट, जॉयपुरहाट और ढाका के कुछ हिस्सों से झड़पों और अनियमितताओं की खबरें सामने आई हैं। अधिकारियों ने आरोपों की जांच शुरू कर दी है और कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। 45 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के पर्यवेक्षक चुनाव प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- बांग्लादेश एक एकसदनीय संसदीय प्रणाली का पालन करता है, जिसमें 300 निर्वाचन क्षेत्र हैं।
- 2026 का चुनाव 1971 में स्वतंत्रता के बाद 13वां संसदीय चुनाव है।
- अंतरिम सरकार का नेतृत्व मुहम्मद यूनुस कर रहे हैं।
- इस चुनाव में पहली बार प्रवासी नागरिकों के लिए डाक मतपत्र प्रणाली लागू की गई है।
समग्र रूप से, बांग्लादेश का यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का माध्यम नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक पुनर्निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अंतरिम प्रशासन के नेतृत्व में हो रहे इस मतदान से देश की राजनीतिक स्थिरता और संस्थागत मजबूती की दिशा तय होगी।