बदलता भारत मेरा अनुभव अभियान: रचनात्मक प्रतियोगिताओं के विजेताओं की घोषणा
सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने बदलता भारत मेरा अनुभव अभियान के तहत आयोजित चार रचनात्मक प्रतियोगिताओं के विजेताओं की घोषणा की है। यह अभियान नागरिकों को भारत के पिछले 11 वर्षों में हुए परिवर्तन को स्वयं के अनुभवों और रचनात्मक अभिव्यक्तियों के माध्यम से साझा करने के लिए आमंत्रित करता है। यह पहल विक्सित भारत@2047 के दृष्टिकोण से जुड़ी हुई है।
अभियान की अवधारणा और जनभागीदारी
यह अभियान सूचना और प्रसारण मंत्रालय और MyGov प्लेटफ़ॉर्म के सहयोग से आयोजित किया गया। इस राष्ट्रव्यापी पहल में विभिन्न आयु वर्गों और सामाजिक पृष्ठभूमियों से नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रतिभागियों ने यह प्रदर्शित किया कि किस प्रकार शासन सुधारों और विकास पहलों ने उनके दैनिक जीवन को विभिन्न क्षेत्रों में सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है।
रचनात्मक श्रेणियां और प्रारूप
प्रतियोगिता में भाग लेने वाले नागरिकों ने इंस्टाग्राम रील, यूट्यूब शॉर्ट्स, ऑडियो-विजुअल स्टोरीटेलिंग और ब्लॉग लेखन जैसे डिजिटल रचनात्मक माध्यमों का उपयोग किया।
इन प्रविष्टियों में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, डिजिटल सशक्तिकरण, सामाजिक समावेशन, और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार जैसे विषयों पर प्रकाश डाला गया, विशेषकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए परिवर्तनों पर केंद्रित प्रस्तुतीकरण किए गए।
चार श्रेणियों में विजेता
- इंस्टाग्राम रील प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार: इंद्रजीत सुभाष मांशनकर
- यूट्यूब शॉर्ट्स चैलेंज में प्रथम पुरस्कार: मंथन रोहित
- शॉर्ट AV चैलेंज – न्यू इंडिया की कहानी श्रेणी में प्रथम पुरस्कार: सुषोवण मन्ना
- ब्लॉग लेखन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान: कृष्णा गुप्ता
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- बदलता भारत मेरा अनुभव एक जन-केंद्रित रचनात्मक अभियान है।
- यह पहल विक्सित भारत@2047 के लक्ष्य से जुड़ी हुई है।
- अभियान सूचना और प्रसारण मंत्रालय व MyGov द्वारा आयोजित किया गया।
- प्रतियोगिता में डिजिटल और रचनात्मक माध्यमों का उपयोग किया गया, जैसे इंस्टाग्राम रील्स, यूट्यूब शॉर्ट्स, ऑडियो-विजुअल कथाएं, और ब्लॉग लेखन।
मान्यता और भविष्य की दिशा
सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने सभी विजेताओं और प्रतिभागियों को उनके उत्साहजनक योगदान के लिए बधाई दी। यह अभियान जनता के अनुभवों के माध्यम से भारत के विकास यात्रा का दस्तावेजीकरण करने और नागरिकों को राष्ट्र निर्माण की कथा में सक्रिय भागीदार बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
यह पहल भारत की सामूहिक स्मृति और प्रगति की दिशा में साझा चेतना को सशक्त करती है।