बजट 2026-27 में बायोगैस को बढ़ावा: मिश्रित CNG पर एक्साइज ड्यूटी में छूट

बजट 2026-27 में बायोगैस को बढ़ावा: मिश्रित CNG पर एक्साइज ड्यूटी में छूट

केंद्रीय बजट 2026-27 में स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से मिश्रित कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) में सम्मिलित बायोगैस या कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) घटक पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क (excise duty) से छूट की घोषणा की गई है। यह कदम न केवल अक्षय गैस के उपयोग को बढ़ाने के लिए है, बल्कि भारत की जीवाश्म ईंधनों पर आयात निर्भरता को कम करने की दिशा में एक मजबूत नीति संकेत भी है।

दोहरे कर भार को समाप्त करने की पहल

अब तक, चाहे वह शुद्ध CNG हो या उसमें CBG मिश्रित हो, दोनों पर 14% केंद्रीय उत्पाद शुल्क, 5% GST और राज्य-स्तरीय VAT लागू होता था। इससे बायोगैस के मिश्रण की लागत बढ़ जाती थी, और इसे अपनाने में बाधाएं आती थीं। नए बजट प्रावधान के तहत, CNG में सम्मिलित CBG भाग पर अब एक्साइज ड्यूटी नहीं लगेगी, जिससे मिश्रित गैस की लागत घटेगी और इसे अधिक प्रतिस्पर्धी बनाया जा सकेगा।

ऊर्जा सुरक्षा और SATAT लक्ष्य से सीधा संबंध

भारत प्राकृतिक गैस के आयात पर बहुत अधिक निर्भर है, जिसमें लगभग 50% मांग आयातित लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) से पूरी होती है। इस स्थिति को बदलने के लिए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 2018 में SATAT (Sustainable Alternative Towards Affordable Transportation) योजना शुरू की थी, जिसका उद्देश्य 1.5 करोड़ टन CBG उत्पादन हासिल करना है।

हालाँकि, अभी तक देशभर में केवल लगभग 190 CBG संयंत्र चालू हुए हैं। सरकार ने वर्ष 2028-29 तक कुल CNG खपत में 5% CBG सम्मिश्रण का लक्ष्य रखा है।

ब्लेंडिंग को बढ़ावा देने वाला कर प्रोत्साहन

नया एक्साइज प्रावधान जितना अधिक मिश्रण, उतना अधिक लाभ की नीति को दर्शाता है। यदि किसी विक्रय केंद्र पर 5% CBG मिश्रित CNG बेची जाती है, तो केवल 95% मात्रा पर ही एक्साइज ड्यूटी लगेगी। वहीं 50:50 मिश्रण की स्थिति में आधे भाग पर कर छूट मिलेगी। इससे सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को अधिक मिश्रण करने और बायोगैस ऑफटेक इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश करने के लिए सीधा आर्थिक प्रोत्साहन मिलेगा।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • मिश्रित CNG में सम्मिलित CBG भाग पर अब एक्साइज ड्यूटी नहीं लगेगी।
  • यह छूट बायोगैस पर लागू दोहरे कर भार को समाप्त करने के उद्देश्य से दी गई है।
  • SATAT योजना का लक्ष्य 1.5 करोड़ टन CBG उत्पादन है।
  • भारत ने 2028-29 तक 5% CBG सम्मिश्रण अनिवार्यता का लक्ष्य तय किया है।

राज्यों की भूमिका और दीर्घकालिक प्रभाव

हालांकि केंद्र सरकार ने उत्पाद शुल्क में छूट दी है, लेकिन राज्यों में मिश्रित CNG को अब भी प्राकृतिक गैस की तरह माना जाता है, जिस पर 5% से लेकर 15% तक VAT लगाया जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि राज्यों द्वारा भी CBG हिस्से पर VAT छूट देने से इसकी लागत और घटेगी। यदि केंद्र और राज्य मिलकर नीति समन्वय करें और सिटी गैस कंपनियां आवश्यक ढांचागत विकास तेजी से करें, तो यह नीति भारत के हरित ऊर्जा भविष्य की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित हो सकती है।

Originally written on February 1, 2026 and last modified on February 1, 2026.

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