बजट 2026-27: बुनियादी ढांचा आधारित विकास मॉडल को केंद्र में रखकर आर्थिक रणनीति का विस्तार

बजट 2026-27: बुनियादी ढांचा आधारित विकास मॉडल को केंद्र में रखकर आर्थिक रणनीति का विस्तार

केंद्रीय बजट 2026-27 में सरकार ने स्पष्ट रूप से बुनियादी ढांचा आधारित विकास को अपनी आर्थिक रणनीति का केंद्र बिंदु बनाया है। पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) को बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ कर दिया गया है, जो सार्वजनिक निवेश को विकास का प्रेरक तत्व मानने की नीति को दोहराता है। रेल, लॉजिस्टिक्स, नगरीय अर्थव्यवस्था, जलमार्ग और विनिर्माण क्षेत्रों में बड़ी घोषणाएं इस दिशा में निर्णायक कदम हैं।

उच्च गति रेल गलियारे और माल परिवहन नेटवर्क

बजट की प्रमुख घोषणा सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर्स की है, जो प्रमुख आर्थिक केंद्रों को आपस में जोड़ेंगे:

  • मुंबई–पुणे
  • पुणे–हैदराबाद
  • हैदराबाद–बेंगलुरु
  • हैदराबाद–चेन्नई
  • चेन्नई–बेंगलुरु
  • दिल्ली–वाराणसी
  • वाराणसी–सिलीगुड़ी

साथ ही, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की योजना भी घोषित की गई है, जो डांकुनी (पूर्व) से सूरत (पश्चिम) तक औद्योगिक लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाएगा और माल ढुलाई की लागत को कम करेगा।

नगरीय आर्थिक क्षेत्र और समग्र शहरी विकास

सरकार ने शहरों को “विकास, नवाचार और रोजगार के इंजन” मानते हुए City Economic Regions के निर्माण की घोषणा की है। प्रत्येक क्षेत्र को 5 वर्षों में ₹5,000 करोड़ दिए जाएंगे, ताकि शहरी नियोजन, अधोसंरचना, उद्योग और कौशल विकास को एकीकृत किया जा सके।

इसका उद्देश्य है कि ये क्षेत्र वैश्विक प्रतिस्पर्धा वाले आर्थिक केंद्र बनें, और साथ ही आसपास के अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर संपर्क और रोजगार से लाभ मिले।

जलमार्ग, बंदरगाह और तटीय शिपिंग

सरकार अगले पांच वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग शुरू करेगी। इसकी शुरुआत ओडिशा के नेशनल वॉटरवे-5 से होगी, जो तालचर और अंगुल को कलींगनगर जैसे औद्योगिक केंद्रों और पारादीप व धामरा बंदरगाहों से जोड़ेगा।

साथ ही, Coastal Cargo Promotion Scheme के तहत 2047 तक आंतरिक जलमार्ग और तटीय शिपिंग का हिस्सा 6% से बढ़ाकर 12% करने का लक्ष्य रखा गया है। वाराणसी और पटना में शिप रिपेयर इकोसिस्टम विकसित किए जाएंगे और सीप्लेन सेवाओं के लिए Viability Gap Funding योजना शुरू होगी।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • FY27 के लिए पूंजीगत व्यय ₹12.2 लाख करोड़ निर्धारित।
  • सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा।
  • प्रत्येक City Economic Region को 5 वर्षों में ₹5,000 करोड़
  • आंतरिक जलमार्ग और तटीय शिपिंग का लक्ष्य 2047 तक 12% करना।

एमएसएमई, विनिर्माण और रणनीतिक क्षेत्रों को समर्थन

उद्यम-आधारित विकास को प्रोत्साहन देने हेतु सरकार ने:

  • ₹10,000 करोड़ का SME Growth Fund – राष्ट्रीय स्तर पर भविष्य के उद्योग चैंपियन बनाने के लिए।
  • ₹2,000 करोड़ की अतिरिक्त राशि आत्मनिर्भर भारत फंड में।
  • तीन रासायनिक पार्कों की स्थापना राज्य सरकारों के सहयोग से।
  • मेगा टेक्सटाइल पार्कों की ‘चैलेंज मोड’ में स्थापना।
  • रेयर अर्थ कॉरिडोर का विकास ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज समृद्ध राज्यों में—आयात पर निर्भरता घटाने और रणनीतिक विनिर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए।

यह बजट न केवल बुनियादी ढांचे पर आधारित अर्थव्यवस्था को गति देगा, बल्कि भारत को औद्योगिक आत्मनिर्भरता, लॉजिस्टिक दक्षता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा की दिशा में सशक्त रूप से आगे बढ़ाएगा।

Originally written on February 1, 2026 and last modified on February 1, 2026.

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