बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा घोषित कर और शुल्क छूट: स्वच्छ ऊर्जा और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026 में एक महत्वपूर्ण घोषणापत्र प्रस्तुत किया, जिसमें भारत की स्वच्छ ऊर्जा, विनिर्माण और क्षेत्रीय विकास रणनीति को मजबूती देने के उद्देश्य से कर और शुल्क छूटों की श्रृंखला घोषित की गई। ये उपाय विशेष रूप से ऊर्जा भंडारण, नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों और स्वच्छ ईंधनों के निर्माण को सस्ता और सुलभ बनाने के लिए लक्षित हैं, ताकि देश में औद्योगिक क्षमताओं को प्रोत्साहन मिल सके।
लिथियम-आयन बैटरी निर्माण के लिए कस्टम ड्यूटी में राहत
बजट 2026 के अंतर्गत लिथियम-आयन सेल्स के निर्माण में प्रयुक्त पूंजीगत वस्तुओं पर मूल सीमा शुल्क (बेसिक कस्टम ड्यूटी) में छूट की घोषणा की गई है। यह कदम भारत में ऊर्जा भंडारण तकनीकों के स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में उठाया गया है, जो कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और ग्रिड-स्तरीय नवीकरणीय ऊर्जा प्रणाली के लिए आवश्यक है। इससे मशीनरी की शुरुआती लागत घटेगी और घरेलू उत्पादकों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी, जिससे इस क्षेत्र में निवेश को आकर्षित किया जा सकेगा।
सौर ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों के लिए समर्थन
वित्त मंत्री ने सौर ग्लास के निर्माण में प्रयुक्त सोडियम एंटीमनी के आयात पर भी सीमा शुल्क छूट की घोषणा की है। इसके अतिरिक्त, भारत में महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण हेतु आवश्यक पूंजीगत वस्तुओं पर भी कस्टम ड्यूटी में छूट दी गई है। ये उपाय रणनीतिक क्षेत्रों में आयात पर निर्भरता को कम करने और स्वदेशी आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने के लिए अत्यंत आवश्यक माने जा रहे हैं।
बायोगैस मिश्रित सीएनजी पर उत्पाद शुल्क से राहत
स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में एक और महत्वपूर्ण घोषणा के तहत, वित्त मंत्री ने प्रस्ताव किया कि बायोगैस मिश्रित कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) में बायोगैस के पूर्ण मूल्य को केंद्रीय उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) की गणना से बाहर रखा जाएगा। यह बदलाव बायोगैस मिश्रण को आर्थिक रूप से लाभकारी बनाएगा और कचरा-से-ऊर्जा परियोजनाओं को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रोत्साहन देगा।
औद्योगिक गलियारों और क्षेत्रीय विकास पर विशेष ध्यान
बजट में पूर्वी तट औद्योगिक गलियारे (East Coast Industrial Corridor) के अंतर्गत दुर्गापुर को एक महत्वपूर्ण नोड के रूप में विकसित करने की योजना घोषित की गई है। इसके अलावा, पांच पूरबोदय (Poorvodaya) राज्यों में पांच पर्यटन स्थलों के विकास, 4,000 इलेक्ट्रिक बसों की तैनाती, और पूर्वोत्तर भारत में बौद्ध स्थलों के विकास की भी घोषणा की गई है। साथ ही, सरकार ने यह संकेत भी दिया कि जिन वस्तुओं का देश में उत्पादन पहले से हो रहा है या जिनका आयात नगण्य है, उन पर दी जा रही शुल्क छूटों की समीक्षा की जाएगी।
खबर से जुड़े जीके तथ्य:
- लिथियम-आयन सेल निर्माण भारत की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और ऊर्जा भंडारण रणनीति का प्रमुख हिस्सा है।
- बायोगैस मिश्रित CNG, पारंपरिक नेचुरल गैस में नवीकरणीय बायोगैस को मिलाकर उत्सर्जन को कम करता है।
- महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals) जैसे लिथियम, कोबाल्ट, और निकेल बैटरियों और नवीकरणीय ऊर्जा तकनीकों के लिए आवश्यक हैं।
- कस्टम ड्यूटी छूट एक नीति उपकरण के रूप में घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए उपयोग की जाती है।
इन सभी घोषणाओं से स्पष्ट है कि भारत सरकार का लक्ष्य न केवल स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरणीय सुधारों को बढ़ावा देना है, बल्कि औद्योगिक बुनियादी ढांचे और क्षेत्रीय संतुलित विकास की दिशा में ठोस कदम उठाना भी है। बजट 2026 इस दिशा में एक रणनीतिक पहल के रूप में सामने आया है।