बजट 2026 में “ऑरेंज इकॉनमी” को बढ़ावा: एवीजीसी और डिजाइन सेक्टर से रचनात्मक रोजगार को नई उड़ान

बजट 2026 में “ऑरेंज इकॉनमी” को बढ़ावा: एवीजीसी और डिजाइन सेक्टर से रचनात्मक रोजगार को नई उड़ान

केंद्रीय बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था यानी “ऑरेंज इकॉनमी” को प्रोत्साहित करने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। इसका उद्देश्य रोजगार और नवाचार को बढ़ावा देना है, विशेषकर डिजिटल मीडिया, गेमिंग, डिजाइन और सांस्कृतिक क्षेत्रों में, जहाँ रचनात्मकता और बौद्धिक संपदा ही मुख्य पूंजी होती है।

एवीजीसी (AVGC) सेक्टर और रोजगार की संभावनाएँ

एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) क्षेत्र में तेजी से वृद्धि हो रही है और 2030 तक इसमें लगभग 20 लाख पेशेवरों की आवश्यकता होगी।

  • डिजिटल मीडिया, ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म और गेमिंग के विस्तार ने उच्च गुणवत्ता वाले रचनात्मक रोजगार के नए अवसर खोले हैं।
  • वैश्विक कंटेंट प्रोडक्शन की मांग के चलते भारत इस क्षेत्र में एक अग्रणी वैश्विक खिलाड़ी बनने की ओर अग्रसर है।

स्कूलों और कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स

भारतीय क्रिएटिव टेक्नोलॉजी संस्थान के सहयोग से 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित किए जाएंगे।

इन लैब्स का उद्देश्य:

  • विद्यार्थियों को एनिमेशन, गेमिंग, डिजिटल स्टोरीटेलिंग और विजुअल इफेक्ट्स में प्रारंभिक अनुभव देना
  • उद्योगोन्मुखी कौशल का विकास करना
  • स्टार्टअप्स और क्रिएटर-आधारित उद्यमिता को प्रोत्साहन देना

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • AVGC का अर्थ है Animation, Visual Effects, Gaming and Comics
  • ऑरेंज इकॉनमी ऐसे रचनात्मक क्षेत्रों को कहा जाता है जिनका मूल्य आइडिया, संस्कृति और अभिव्यक्ति से उत्पन्न होता है।
  • 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित की जाएंगी।
  • एवीजीसी सेक्टर को 2030 तक 2 मिलियन पेशेवरों की ज़रूरत होगी।

ऑरेंज इकॉनमी और आर्थिक सर्वेक्षण के निष्कर्ष

आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में रचनात्मक क्षेत्रों को रोजगार, पर्यटन और शहरी सेवाओं का उभरता स्रोत बताया गया है।

  • ऑरेंज इकॉनमी में शामिल हैं: संस्कृति, मीडिया, मनोरंजन, डिजाइन और बौद्धिक संपदा
  • सर्वेक्षण में कॉन्सर्ट इकोनॉमी की क्षमता को रेखांकित किया गया, साथ ही स्थान और विनियामक चुनौतियों की ओर भी ध्यान दिलाया गया है।

पूर्व भारत में राष्ट्रीय डिज़ाइन संस्थान

बजट में पूर्व भारत में एक नया राष्ट्रीय डिज़ाइन संस्थान (National Institute of Design) स्थापित करने की घोषणा की गई है।

  • भारत में डिज़ाइन उद्योग तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन प्रशिक्षित डिज़ाइनरों की घोर कमी है।
  • यह संस्थान डिज़ाइन शिक्षा को सुदृढ़ करेगा और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देगा।
  • यह पहल स्थायी और नवाचार-आधारित रोजगार सृजन में सहायक होगी।

निष्कर्ष

बजट 2026 में घोषित यह रचनात्मक पहल भारत को वैश्विक क्रिएटिव हब बनाने की दिशा में एक दूरदर्शी कदम है। एवीजीसी लैब्स, डिज़ाइन संस्थान और ऑरेंज इकॉनमी को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता से नए युग की रचनात्मक नौकरियाँ, नवाचार, और सांस्कृतिक उद्योगों की संभावनाएँ कई गुना बढ़ेंगी। यह भारत के युवाओं को आधुनिक डिजिटल युग के लिए कौशल और अवसर दोनों प्रदान करेगा।

Originally written on February 2, 2026 and last modified on February 2, 2026.

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