बजट 2026: पूंजीगत व्यय के लिए ₹11.73 लाख करोड़ की नेट बाजार उधारी, राजकोषीय अनुशासन पर बना रहेगा ध्यान

बजट 2026: पूंजीगत व्यय के लिए ₹11.73 लाख करोड़ की नेट बाजार उधारी, राजकोषीय अनुशासन पर बना रहेगा ध्यान

केंद्रीय बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के लिए ₹11.73 लाख करोड़ की नेट बाजार उधारी का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह कदम पूंजीगत व्यय को समर्थन देने के साथ-साथ राजकोषीय सुधार (Fiscal Consolidation) की प्रतिबद्धता को बनाए रखने के दृष्टिकोण से उठाया गया है।

उधारी का स्तर और जीडीपी के अनुपात में स्थिति

  • नेट बाजार उधारी: ₹11.73 लाख करोड़ — जो कि जीडीपी के लगभग 3% के बराबर है।
  • ग्रॉस बाजार उधारी: ₹17.20 लाख करोड़ — जो कि जीडीपी के 4.4% के बराबर है।
  • पिछले वर्षों की तुलना:
    • FY25 में नेट उधारी: ₹9.0 लाख करोड़
    • FY26 (संशोधित अनुमान): ₹10.7 लाख करोड़

यह वृद्धि सरकार की व्यय प्राथमिकताओं और पूंजी निवेश पर केंद्रित रणनीति को दर्शाती है।

पूंजीगत व्यय: प्रमुख उद्देश्य

सरकार का कहना है कि बढ़ी हुई उधारी का उद्देश्य बुनियादी ढांचे, लॉजिस्टिक्स और उत्पादक परिसंपत्तियों में सार्वजनिक निवेश को बढ़ावा देना है। यह रणनीति:

  • राजकोषीय रूप से अधिक कुशल मानी जाती है,
  • मध्यम अवधि में आर्थिक विकास को समर्थन देती है,
  • और राजस्व व्यय की तुलना में अधिक टिकाऊ मानी जाती है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • नेट बाजार उधारी: कुल उधारी में से पुनर्भुगतान की गई राशि घटाने के बाद शुद्ध राशि।
  • ग्रॉस बाजार उधारी: कुल उधारी जिसमें पुनर्भुगतान शामिल है।
  • पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure): परिसंपत्तियों के निर्माण पर किया गया व्यय, जैसे सड़कें, पुल, रेलवे आदि।
  • राजकोषीय सुधार (Fiscal Consolidation): घाटे और कर्ज अनुपात को समय के साथ घटाना।

राजकोषीय अनुशासन और बाजार की प्रतिक्रिया

  • सरकार का दावा है कि राजकोषीय घाटे का अनुपात जीडीपी के मुकाबले घट रहा है, जिससे अनुशासन बना हुआ है।
  • उच्च उधारी स्तर के कारण बॉन्ड की आपूर्ति बढ़ने और यील्ड्स पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई गई है।
  • लेकिन स्पष्ट उधारी कैलेंडर और राजकोषीय रणनीति से निवेशकों में भरोसा बना रह सकता है।

सार्वजनिक वित्त की मध्यम अवधि की दिशा

सरकार की उधारी रणनीति एक संतुलन दिखाती है जिसमें:

  • विकास-उन्मुख पूंजी निवेश को बनाए रखा गया है,
  • साथ ही राजकोषीय विश्वसनीयता को मजबूत करने का प्रयास किया गया है।

₹17.20 लाख करोड़ की ग्रॉस उधारी और उत्पादक खर्च पर जोर के साथ, FY27 की उधारी नीति एक सुसंगत और योजनाबद्ध आर्थिक सोच को दर्शाती है। इस रणनीति की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि राजस्व वृद्धि, निष्पादन क्षमता, और वित्तीय बाजारों की स्थिरता कैसी रहती है।

निष्कर्ष

बजट 2026 में घोषित उधारी योजना भारत की विकास और अनुशासन के बीच संतुलन साधने की क्षमता को दर्शाती है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि राजकोषीय मजबूती के साथ-साथ बुनियादी ढांचे और विकास पर खर्च जारी रहेगा, जिससे भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार मिलेगा।

Originally written on February 2, 2026 and last modified on February 2, 2026.

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