बच्चों और युवाओं के लिए सिनेमा का उत्सव: नई दिल्ली में सिफ्सी फिल्म फेस्टिवल 2026 का शुभारंभ
नई दिल्ली में आज 12वें संस्करण का “स्माइल इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल फॉर चिल्ड्रन एंड यूथ” (SIFFCY) आरंभ हुआ, जिसने यह एक बार फिर साबित किया कि सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और युवा संवाद का प्रभावशाली उपकरण भी है। यह सात दिवसीय महोत्सव स्माइल फाउंडेशन द्वारा दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देश-विदेश से फिल्म निर्माता, शिक्षक, नीति-निर्माता और विभिन्न पृष्ठभूमियों से आए बच्चे भाग ले रहे हैं।
सिफ्सी का उद्देश्य और विशेषताएँ
SIFFCY एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्यूरेटेड फिल्म फेस्टिवल है, जिसे विशेष रूप से बच्चों और युवाओं के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसका उद्देश्य है कि फिल्मों के माध्यम से सामाजिक, नैतिक और वैश्विक मुद्दों पर संवाद स्थापित किया जाए और युवा पीढ़ी को इन विषयों के प्रति संवेदनशील बनाया जाए। उद्घाटन अवसर पर स्माइल फाउंडेशन के सह-संस्थापक शंतनु मिश्रा ने कहा कि यह महोत्सव बच्चों को उनके व्यक्तिगत मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व और सामूहिक भलाई के प्रति जागरूक करता है और सकारात्मक कार्यों के लिए प्रेरित करता है।
स्माइल फाउंडेशन की सामाजिक पहल
स्माइल फाउंडेशन एक भारतीय विकास संगठन है जो शिक्षा, स्वास्थ्य, जीविका और महिला सशक्तिकरण जैसे प्रमुख क्षेत्रों में कार्य कर रहा है। श्री मिश्रा के अनुसार, संगठन वर्तमान में देश के 27 राज्यों में 400 से अधिक जीवंत परियोजनाएं संचालित कर रहा है, जिनका प्रत्यक्ष प्रभाव लगभग 20 लाख बच्चों और परिवारों पर पड़ रहा है। SIFFCY इस व्यापक मिशन का हिस्सा है, जो वंचित समुदायों को जागरूकता, पहुंच और समावेशन के ज़रिए सशक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है।
2026 संस्करण का थीम: विविधता, समानता और समावेशन
इस वर्ष के महोत्सव का मुख्य फोकस “विविधता, समानता और समावेशन” पर है। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की अतिरिक्त सचिव मनीत कौर नंदा ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि पहली बार इस फिल्म फेस्टिवल में दिव्यांग बच्चों द्वारा बनाई गई फिल्में भी प्रदर्शित की जा रही हैं। साथ ही ऐसे कंटेंट को प्राथमिकता दी गई है जो दिव्यांग समावेशन और समतामूलक प्रतिनिधित्व को उजागर करता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- SIFFCY एक अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव है जो बच्चों और युवाओं पर केंद्रित है।
- इसका आयोजन स्माइल फाउंडेशन द्वारा दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के सहयोग से किया जाता है।
- स्माइल फाउंडेशन भारत के 27 राज्यों में 400 से अधिक सामाजिक परियोजनाएं संचालित कर रहा है।
- 2026 संस्करण में “डायवर्सिटी, इक्विटी और इंक्लूजन” पर विशेष बल दिया गया है।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान
इस महोत्सव को यूक्रेन, नीदरलैंड्स, फिनलैंड, चेक गणराज्य, लिथुआनिया, साइप्रस और एस्टोनिया जैसे देशों के दूतावासों तथा पोलिश इंस्टीट्यूट और इटैलियन कल्चरल सेंटर का सहयोग प्राप्त हुआ है। यह अंतरराष्ट्रीय भागीदारी सिफ्सी को एक वैश्विक मंच के रूप में स्थापित करती है, जो बच्चों के सिनेमा के माध्यम से सांस्कृतिक आदान-प्रदान और वैश्विक दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है।
यह फिल्म फेस्टिवल न केवल रचनात्मकता को प्रोत्साहित करता है, बल्कि युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और वैश्विक नागरिकता की भावना को भी मज़बूत करता है। SIFFCY आज की पीढ़ी को बेहतर समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करने का एक सशक्त प्रयास है।