प्रोफेसर धीरज शर्मा को वर्ल्ड मैनेजमेंट कांग्रेस में उत्कृष्ट शासन नेतृत्व पुरस्कार: IIM रोहतक की सुदृढ़ प्रगति का अंतरराष्ट्रीय सम्मान
भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) रोहतक के निदेशक प्रोफेसर धीरज शर्मा को नई दिल्ली में आयोजित 46वीं वर्ल्ड मैनेजमेंट कांग्रेस में “Exemplary Governance Leadership Award” से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार संस्थान में उनके नेतृत्व में हुए संरचित प्रशासनिक सुधार, शैक्षणिक नवाचार और वित्तीय अनुशासन को मान्यता प्रदान करता है।
वर्ल्ड मैनेजमेंट कांग्रेस में मान्यता
इस अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार के लिए 1,400 से अधिक नामांकन प्राप्त हुए थे, जिनमें से केवल सात नेताओं का चयन हुआ। वर्ल्ड मैनेजमेंट कांग्रेस की पुरस्कार समिति द्वारा किए गए कठोर मूल्यांकन के बाद, प्रोफेसर शर्मा को उच्च शिक्षा प्रबंधन और संस्थागत शासन में निरंतर नेतृत्व के लिए चुना गया।
शासन सुधार और स्थायी परिसर की उपलब्धि
प्रोफेसर शर्मा के कार्यकाल में IIM रोहतक ने पारदर्शिता और प्रशासनिक स्वायत्तता को प्राथमिकता देते हुए अपने शासन ढांचे को सुदृढ़ किया। वर्ष 2018 में संस्थान का स्थायी परिसर निर्धारित समय से पहले और अनुमानित लागत से कम व्यय में पूरा किया गया, जो स्मार्ट वित्तीय प्रबंधन का उदाहरण बना। साथ ही, प्रशासनिक प्रक्रियाओं का सरलीकरण और निर्णय लेने में विकेंद्रीकरण जैसे उपायों ने संस्थान को वैश्विक प्रबंधन शिक्षा मानकों के अनुरूप आगे बढ़ाया।
शैक्षणिक नवाचार और अंतरराष्ट्रीय पहचान
IIM रोहतक ने शिक्षा में नवाचार को प्राथमिकता दी:
- इंटीग्रेटेड प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (IPM) की शुरुआत
- इंटीग्रेटेड प्रोग्राम इन लॉ (IPL) की स्थापना – यह IIM प्रणाली में पहला विधि पाठ्यक्रम है
संस्थान को AMBA (Association of MBAs) और BGA (Business Graduates Association) जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से प्रमाणन प्राप्त हुआ, जिससे इसकी वैश्विक साख और गुणवत्ता को मजबूती मिली। साथ ही, 2023 में प्रोफेसर शर्मा को विश्व के शीर्ष 2% शोधकर्ताओं की सूची में शामिल किया गया।
UPSC प्रीलिम्स के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
- वर्ल्ड मैनेजमेंट कांग्रेस वैश्विक नेतृत्व, शासन और प्रबंधन की श्रेष्ठ प्रथाओं पर केंद्रित है।
- AMBA और BGA वैश्विक प्रबंधन शिक्षा गुणवत्ता के मानक माने जाते हैं।
- IIM रोहतक, IIM विस्तार की दूसरी चरण की स्थापना का हिस्सा है।
- IIM रोहतक में लॉ का एकीकृत कार्यक्रम (IPL) IIM प्रणाली में प्रथम है।
नेतृत्व दृष्टिकोण: स्वायत्तता और मूल्य-आधारित शिक्षा
कांग्रेस को संबोधित करते हुए प्रोफेसर शर्मा ने कहा कि संस्थागत उत्कृष्टता की शुरुआत स्वायत्तता से होती है, विशेषकर वित्तीय स्वायत्तता से। उन्होंने ज़ोर दिया कि उच्च शिक्षा संस्थानों को केवल ढांचागत विकास नहीं, बल्कि मूल्य-आधारित शिक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। उनका मानना है कि सतत शैक्षणिक विकास की नींव सुशासन में ही निहित है।
निष्कर्ष
प्रोफेसर धीरज शर्मा को मिला यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान IIM रोहतक की सुदृढ़ रणनीतिक प्रगति, नवाचार और प्रशासनिक उत्कृष्टता को दर्शाता है। यह भारत के उच्च शिक्षा संस्थानों को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने वाला एक प्रेरणादायक उदाहरण है।