‘प्राइड ऑफ हिल्स’ योजना से नागालैंड को ₹3,880 करोड़ की सहायता
केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026–27 के लिए नागालैंड को “प्राइड ऑफ हिल्स: स्पेशल डेवलपमेंट असिस्टेंस फॉर हिल स्टेट्स” योजना के तहत ₹3,880 करोड़ आवंटित किए हैं। यह पहल पहाड़ी राज्यों की विशिष्ट चुनौतियों—जैसे कठिन भौगोलिक परिस्थितियां, सीमित संपर्क व्यवस्था और कम राजस्व आधार—को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई है। यह योजना राज्यों के पूंजी निवेश को बढ़ावा देने वाली व्यापक योजना ‘स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट’ (SASCI) का हिस्सा है।
योजना के उद्देश्य और ढांचा
“प्राइड ऑफ हिल्स” योजना का मुख्य उद्देश्य पहाड़ी राज्यों में बुनियादी ढांचे के विकास को प्रोत्साहित करना और क्षेत्रीय असंतुलन को कम करना है। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क, परिवहन और अन्य सुविधाओं के निर्माण की लागत अधिक होती है, जिससे विकास में बाधाएं आती हैं। इस योजना के माध्यम से इन बाधाओं को दूर कर बेहतर कनेक्टिविटी और आर्थिक अवसर प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है।
राज्यों के बीच आवंटन का पैटर्न
इस योजना के तहत कुल ₹25,000 करोड़ की राशि नौ पहाड़ी राज्यों के लिए निर्धारित की गई है। इसमें अरुणाचल प्रदेश को सबसे अधिक ₹4,900 करोड़ मिले हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश को ₹3,920 करोड़ आवंटित किए गए हैं। नागालैंड को ₹3,880 करोड़, उत्तराखंड को ₹3,460 करोड़ और त्रिपुरा को ₹3,450 करोड़ दिए गए हैं। इसके अलावा, मणिपुर को ₹2,400 करोड़, मेघालय को ₹2,070 करोड़, सिक्किम को ₹820 करोड़ और मिजोरम को ₹100 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
क्षेत्रीय विकास पर प्रभाव
इस अतिरिक्त वित्तीय सहायता से पहाड़ी राज्यों में सड़क, परिवहन, जल और ऊर्जा जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास तेजी से होगा। यह निवेश पूंजीगत परियोजनाओं को बढ़ावा देगा, जिससे आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी और लोगों के जीवन स्तर में सुधार आएगा। साथ ही, यह योजना लंबे समय से चली आ रही विकास संबंधी बाधाओं को दूर करने में सहायक होगी।
सरकार की प्रतिक्रिया और महत्व
नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो ने इस सहायता का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सहायता राज्य के विकास को गति देगी और क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान में मदद करेगी। यह पहल केंद्र सरकार की समावेशी विकास नीति को दर्शाती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- “प्राइड ऑफ हिल्स” योजना SASCI का हिस्सा है।
- पहाड़ी राज्यों में विकास की लागत भौगोलिक कारणों से अधिक होती है।
- अरुणाचल प्रदेश को इस योजना के तहत सबसे अधिक राशि आवंटित हुई है।
- पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) का अर्थ है बुनियादी ढांचे और संपत्तियों के निर्माण पर खर्च।
अंततः, “प्राइड ऑफ हिल्स” योजना पहाड़ी राज्यों के संतुलित और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल क्षेत्रीय असमानताओं को कम करेगा, बल्कि देश के समग्र आर्थिक विकास को भी मजबूती प्रदान करेगा।