प्रसिद्ध खगोलभौतिकीविद कार्ल ग्रिलमायर का निधन, विज्ञान जगत में शोक

प्रसिद्ध खगोलभौतिकीविद कार्ल ग्रिलमायर का निधन, विज्ञान जगत में शोक

अमेरिकी खगोलभौतिकीविद कार्ल ग्रिलमायर का 67 वर्ष की आयु में निधन हो गया। कैलिफोर्निया स्थित उनके ग्रामीण घर में गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना ने वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय को स्तब्ध कर दिया है। वे दूरस्थ एक्सोप्लैनेट पर जल वाष्प की पहचान करने वाले अग्रणी वैज्ञानिकों में शामिल थे और आकाशगंगा विज्ञान में उनके योगदान को अत्यंत सम्मान के साथ देखा जाता था।

कार्ल ग्रिलमायर कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (कैलटेक) में लंबे समय तक शोध वैज्ञानिक रहे। अपने निधन के समय वे इंफ्रारेड प्रोसेसिंग एंड एनालिसिस सेंटर (आईपीएसी) से जुड़े थे, जो खगोलीय अभियानों को तकनीकी सहयोग प्रदान करने वाला प्रमुख संस्थान है।

अपने कई दशकों के करियर में उन्होंने आकाशगंगा की संरचना, डार्क मैटर, तारकीय आबादी और मिल्की वे के विकास पर व्यापक शोध किया। वे हबल स्पेस टेलीस्कोप से जुड़े कई परियोजनाओं में प्रमुख अन्वेषक भी रहे। उनके कार्यों ने ब्रह्मांडीय संरचना और आकाशगंगा के गतिशील विकास को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

वर्ष 2007 में ग्रिलमायर को उस समय वैश्विक पहचान मिली, जब उन्होंने एक एक्सोप्लैनेट के वायुमंडल में जल वाष्प की उपस्थिति का पता लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह खोज पृथ्वी के बाहर संभावित जीवन योग्य ग्रहों की तलाश में एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी गई।

उनकी इस उपलब्धि के लिए उन्हें 2011 में नासा का “एक्सेप्शनल साइंटिफिक अचीवमेंट मेडल” प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त उन्होंने प्राचीन आकाशगंगीय टक्करों से बने तारकीय प्रवाहों का मानचित्रण किया, जिससे मिल्की वे के अतीत और डार्क मैटर के वितरण को समझने में नई जानकारी मिली।

16 फरवरी 2026 को अधिकारियों को कैलिफोर्निया के एंटीलोप वैली क्षेत्र के ल्यानो इलाके में स्थित उनके आवास पर हमले की सूचना मिली। वे गंभीर रूप से घायल अवस्था में पाए गए और मौके पर ही मृत घोषित कर दिए गए। बाद में 29 वर्षीय फ्रेडी स्नाइडर को हत्या, वाहन लूट और प्रथम श्रेणी की चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि दिसंबर में संदिग्ध का उनके घर से जुड़ा एक पूर्व पुलिस संपर्क था।

  • एक्सोप्लैनेट वे ग्रह होते हैं जो सौरमंडल के बाहर अन्य तारों की परिक्रमा करते हैं।
  • एक्सोप्लैनेट के वायुमंडल में जल वाष्प की पहचान संभावित जीवन की खोज में महत्वपूर्ण मानी जाती है।
  • हबल स्पेस टेलीस्कोप का प्रक्षेपण 1990 में हुआ था और यह पृथ्वी की कक्षा में स्थित है।
  • डार्क मैटर प्रकाश उत्सर्जित नहीं करता, लेकिन गुरुत्वाकर्षण के माध्यम से आकाशगंगाओं को प्रभावित करता है।

कार्ल ग्रिलमायर को उनके सहकर्मियों ने एक अद्वितीय वैज्ञानिक और जिज्ञासु अन्वेषक के रूप में याद किया है। आकाशगंगा पुरातत्व और एक्सोप्लैनेट अनुसंधान में उनके योगदान आधुनिक खगोल विज्ञान की आधारशिला माने जाते हैं। उनका कार्य आने वाली पीढ़ियों के वैज्ञानिकों को प्रेरित करता रहेगा।

Originally written on February 23, 2026 and last modified on February 23, 2026.

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