प्रवीण वशिष्ठ बने नये सतर्कता आयुक्त: केंद्रीय सतर्कता आयोग में महत्वपूर्ण नियुक्ति

प्रवीण वशिष्ठ बने नये सतर्कता आयुक्त: केंद्रीय सतर्कता आयोग में महत्वपूर्ण नियुक्ति

भारत के महामहिम राष्ट्रपति द्वारा प्रवीण वशिष्ठ को केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) में सतर्कता आयुक्त के पद पर नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति 12 दिसंबर 2025 को जारी वारंट के माध्यम से केंद्रीय सतर्कता आयोग अधिनियम, 2003 की धारा 4(1) के अंतर्गत की गई। श्री वशिष्ठ ने 16 जनवरी 2026 को पद और गोपनीयता की शपथ लेकर कार्यभार ग्रहण किया, जो भारत के भ्रष्टाचार-निरोधक तंत्र में एक महत्वपूर्ण संस्थागत विकास के रूप में देखा जा रहा है।

शपथ ग्रहण और विधिक प्रक्रिया

श्री प्रवीण वशिष्ठ ने केंद्रीय सतर्कता आयुक्त के समक्ष शपथ ली, जिन्हें राष्ट्रपति द्वारा धारा 5(3) के तहत शपथ ग्रहण के लिए अधिकृत किया गया था।

  • इस अवसर पर कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI), प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय सतर्कता आयोग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
  • यह नियुक्ति CVC की संरचना और कार्यप्रणाली को नियंत्रित करने वाले विधिक प्रावधानों के अनुसार की गई है।

सेवा पृष्ठभूमि और अनुभव

श्री प्रवीण वशिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 1991 बैच के बिहार कैडर के अधिकारी हैं और उनके पास तीन दशक से अधिक का सेवा अनुभव है।

  • उन्होंने बिहार के आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) में महानिरीक्षक (IG) के रूप में कार्य किया।
  • रांची, दुमका और गढ़वा जैसे संवेदनशील जिलों में पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाली।

केंद्रीय एजेंसियों और आंतरिक सुरक्षा में अनुभव

श्री वशिष्ठ ने CBI में SP और DIG के रूप में कार्य करते हुए जटिल मामलों की जांच संभाली।

  • केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर उन्होंने गृह मंत्रालय में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया, जिनमें
    • संयुक्त सचिव,
    • अपर सचिव,
    • विशेष कार्य अधिकारी (OSD)
    • तथा विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) शामिल हैं।
  • इन भूमिकाओं में उन्होंने नीति निर्माण से लेकर राष्ट्रीय और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े कार्यों की निगरानी की।

UPSC प्रीलिम्स के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

  • केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) एक संवैधानिक नहीं, बल्कि वैधानिक निकाय है, जिसकी स्थापना CVC अधिनियम, 2003 के अंतर्गत हुई।
  • आयोग में एक केंद्रीय सतर्कता आयुक्त और दो सतर्कता आयुक्त होते हैं।
  • सतर्कता आयुक्तों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
  • इनका कार्यकाल चार वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक, जो पहले हो, निर्धारित होता है।

सतर्कता आयुक्त की भूमिका और कार्यकाल

CVC अधिनियम, 2003 के अनुसार, सतर्कता आयुक्त केंद्र सरकार के विभागों में सतर्कता व्यवस्था की निगरानी करते हैं और भ्रष्टाचार संबंधी मामलों पर सलाह देते हैं।

  • यह पद भ्रष्टाचार विरोधी संस्थागत ढांचे को स्वतंत्रता और स्थिरता प्रदान करता है।
  • आयोग की सिफारिशें प्रशासनिक कार्यवाही और भ्रष्टाचार विरोधी उपायों के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन का कार्य करती हैं।

श्री वशिष्ठ की नियुक्ति से यह आशा की जाती है कि CVC की कार्यक्षमता को और अधिक सशक्त, व्यावसायिक और परिणामोन्मुख बनाया जा सकेगा, जिससे केंद्रीय प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा मिलेगा।

Originally written on January 17, 2026 and last modified on January 17, 2026.

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