पुरी को मिला नगर निगम का दर्जा: ओडिशा के ऐतिहासिक शहर को शहरी प्रशासन में नई पहचान

पुरी को मिला नगर निगम का दर्जा: ओडिशा के ऐतिहासिक शहर को शहरी प्रशासन में नई पहचान

लंबे इंतजार के बाद ओडिशा सरकार ने पुरी को नगर पालिका से नगर निगम (Municipal Corporation) में अपग्रेड करने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। यह निर्णय राज्य के इस ऐतिहासिक तटीय शहर के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक उपलब्धि है, जो न केवल भारत के प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक है, बल्कि ओडिशा के प्रमुख शहरी केंद्रों में भी गिना जाता है।

आधिकारिक अधिसूचना और राज्य-स्तरीय परिप्रेक्ष्य

मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ओडिशा के आवास एवं शहरी विकास विभाग ने पुरी को नगर निगम का दर्जा देने की औपचारिक अधिसूचना जारी की। इस फैसले के साथ पुरी अब भुवनेश्वर, कटक, बेरहामपुर, संबलपुर और राउरकेला के बाद ओडिशा का छठा नगर निगम बन गया है। मुख्यमंत्री मोहन माझी ने जुलाई 2025 में पुरी के दर्जे को बढ़ाने की मंशा व्यक्त की थी, जिसे अब औपचारिक रूप मिला है।

शहरी प्रशासन में संभावित लाभ

नगर निगम का दर्जा पुरी को वित्तीय और प्रशासनिक स्वायत्तता प्रदान करेगा, जिससे साफ-सफाई, जल आपूर्ति, सड़क निर्माण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसी सेवाओं के संचालन और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार होगा। यह निर्णय ना केवल स्थानीय निवासियों के लिए बल्कि हर साल लाखों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए भी सुविधाएं बढ़ाने वाला साबित होगा।

केंद्र सरकार की योजनाओं और फंडिंग तक बेहतर पहुंच

नगर निगम बनने से पुरी को अब केंद्र सरकार की उन योजनाओं का लाभ मिलने की संभावना बढ़ेगी जो प्रमुख शहरी और धार्मिक नगरों के लिए डिज़ाइन की गई हैं। इससे अवसंरचना विकास, विरासत संरक्षण, और सार्वजनिक सुविधाओं में व्यापक सुधार संभव होगा, खासकर रथयात्रा जैसे आयोजनों के दौरान होने वाले भारी जनसमूह को देखते हुए।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • पुरी अब ओडिशा का छठा नगर निगम बन गया है।
  • नगर निगम का दर्जा वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों को बढ़ाता है।
  • पुरी एक प्रमुख तीर्थ और पर्यटन स्थल है।
  • शहरी स्थानीय निकायों का शासन 74वें संविधान संशोधन अधिनियम के तहत होता है।

नए NAC और शहरी सीमा विस्तार

नववर्ष की पहल के रूप में ओडिशा सरकार ने राज्य के चार कस्बों को नोटिफाइड एरिया काउंसिल (NAC) घोषित किया है। ये हैं:

  • लोइसिंघा (बोलांगीर जिला)
  • चांदिखोल (जाजपुर जिला)
  • जशिपुर (मयूरभंज जिला)
  • बस्ता (बालासोर जिला)

इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार ने बेरहामपुर नगर निगम की सीमा विस्तार की भी अधिसूचना जारी की है, जो राज्य में शहरी पुनर्संरचना और बेहतर स्थानीय शासन के लिए एक व्यापक प्रयास को दर्शाता है।

पुरी को नगर निगम बनाए जाने का यह कदम ओडिशा के शहरी परिदृश्य में बदलाव और समावेशी विकास की दिशा में एक मजबूत कदम है, जो राज्य के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले शहरों को नई ऊंचाई देगा।

Originally written on January 2, 2026 and last modified on January 2, 2026.

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