पुडुचेरी के दो नेत्र विशेषज्ञों को चांग-क्रैंडल मानवतावादी पुरस्कार 2026
पुडुचेरी के दो वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञों को मोतियाबिंद से होने वाली अंधता और दृष्टि विकलांगता के विरुद्ध उत्कृष्ट सेवा के लिए प्रतिष्ठित चांग-क्रैंडल ह्यूमैनिटेरियन अवॉर्ड 2026 से सम्मानित किया जाएगा। Dr Haripriya Aravind और Dr R Venkatesh, जो Aravind Eye Care System से जुड़े हैं, यह सम्मान 11 अप्रैल को वॉशिंगटन डीसी में आयोजित American Society of Cataract and Refractive Surgery Foundation के सम्मेलन में प्राप्त करेंगे। वर्ष 2017 में डेविड और विक्टोरिया चांग के अनुदान से स्थापित यह पुरस्कार वैश्विक स्तर पर मोतियाबिंद देखभाल में असाधारण मानवीय योगदान को मान्यता देता है। पुरस्कार के साथ मिलने वाली 1,00,000 अमेरिकी डॉलर की राशि को दोनों चिकित्सकों ने अरविंद आई केयर सिस्टम को दान करने का निर्णय लिया है।
नेत्र विज्ञान में विशिष्ट योगदान
डॉ. हरिप्रिया अरविंद वर्तमान में मोतियाबिंद और इंट्राऑक्यूलर लेंस (आईओएल) सेवाओं की प्रमुख हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बाल नेत्र रोग विशेषज्ञ के रूप में की और बाद में वयस्क मोतियाबिंद शल्य चिकित्सा में विशेषज्ञता हासिल की। उच्च-प्रवाह (हाई-वॉल्यूम) अस्पताल प्रणाली में कार्य करते हुए उन्होंने बड़े पैमाने पर सर्जिकल प्रक्रियाओं को अधिक कुशल और परिणामोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
डॉ. आर. वेंकटेश ने 1997 में रेजिडेंसी पूर्ण कर सामान्य मोतियाबिंद इकाई से अपने करियर की शुरुआत की। उन्होंने विशेष रूप से मैनुअल स्मॉल इन्सीजन कैटरेक्ट सर्जरी (एमएसआईसीएस) में विशेषज्ञता विकसित की, जो कम लागत और उच्च गुणवत्ता वाली सर्जरी के लिए जानी जाती है। उन्होंने युवा नेत्र चिकित्सकों के प्रशिक्षण और गुणवत्ता मानकों को सुदृढ़ करने में भी अहम योगदान दिया।
जनसेवा और प्रशिक्षण पर जोर
वर्ष 2003 में जब अरविंद आई केयर सिस्टम ने पुडुचेरी में अपनी सेवाओं का विस्तार किया, तब डॉ. वेंकटेश ने वहां की सेवाओं को मजबूत करने में अग्रणी भूमिका निभाई। उन्होंने मदुरै में एक वर्ष की ग्लूकोमा फेलोशिप पूरी करने के बाद व्यापक आउटरीच कार्यक्रमों में सक्रिय योगदान दिया।
दोनों चिकित्सकों ने किफायती और टिकाऊ नेत्र चिकित्सा मॉडल को बढ़ावा दिया है, जो बड़े पैमाने पर सर्जरी करते हुए भी गुणवत्ता से समझौता नहीं करता। यह मॉडल अरविंद प्रणाली की पहचान बन चुका है और दुनिया भर में अध्ययन का विषय है।
वैश्विक मान्यता और मानवीय दृष्टिकोण
चांग-क्रैंडल ह्यूमैनिटेरियन अवॉर्ड वैश्विक स्तर पर रोकी जा सकने वाली अंधता को कम करने के प्रयासों को रेखांकित करता है। मोतियाबिंद आज भी विश्व स्तर पर अंधता का प्रमुख कारण है, विशेषकर निम्न और मध्यम आय वाले देशों में।
पुरस्कार राशि को संस्था को समर्पित कर दोनों चिकित्सकों ने यह स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि सामुदायिक सेवा और सतत स्वास्थ्य मॉडल को सुदृढ़ करना है। यह सम्मान न केवल पुडुचेरी बल्कि पूरे भारत की नेत्र चिकित्सा प्रणाली के लिए गौरव का विषय है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- मोतियाबिंद विश्व स्तर पर अंधता का प्रमुख कारण है और शल्य चिकित्सा से इसका उपचार संभव है।
- मैनुअल स्मॉल इन्सीजन कैटरेक्ट सर्जरी (एमएसआईसीएस) कम लागत और उच्च-प्रवाह सर्जिकल मॉडल में व्यापक रूप से उपयोग की जाती है।
- चांग-क्रैंडल ह्यूमैनिटेरियन अवॉर्ड की स्थापना 2017 में एएससीआरएस फाउंडेशन द्वारा की गई थी।
- अरविंद आई केयर सिस्टम बड़े पैमाने पर किफायती और गुणवत्तापूर्ण नेत्र चिकित्सा मॉडल के लिए प्रसिद्ध है।
समग्र रूप से, यह सम्मान भारत की किफायती और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाओं की वैश्विक पहचान को और मजबूत करता है। पुडुचेरी के इन दो विशेषज्ञों की उपलब्धि न केवल चिकित्सा उत्कृष्टता का उदाहरण है, बल्कि यह दर्शाती है कि मानवीय दृष्टिकोण के साथ नवाचार कैसे वैश्विक स्तर पर परिवर्तन ला सकता है।