पीएम ई-ड्राइव योजना से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा

पीएम ई-ड्राइव योजना से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा

भारत सरकार ने स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत सब्सिडी को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। इस योजना के अंतर्गत इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए प्रोत्साहन 31 जुलाई 2026 तक और इलेक्ट्रिक रिक्शा व गाड़ियों के लिए 31 मार्च 2028 तक जारी रहेगा। यह कदम देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ाने और जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

पीएम ई-ड्राइव योजना का परिचय

पीएम ई-ड्राइव (Electric Drive Revolution in Innovative Vehicle Enhancement) योजना की शुरुआत अक्टूबर 2024 में की गई थी और यह 1 अक्टूबर 2024 से लागू हुई। यह एक प्रमुख सरकारी पहल है, जिसका उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में तेजी लाना, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना और घरेलू स्तर पर ईवी निर्माण को बढ़ावा देना है। इस योजना के माध्यम से इलेक्ट्रिक वाहनों की प्रारंभिक लागत को कम करने पर विशेष ध्यान दिया गया है।

प्रमुख उद्देश्य और घटक

इस योजना के तहत विभिन्न श्रेणियों के इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे ई-टू व्हीलर, ई-थ्री व्हीलर, ई-एम्बुलेंस और ई-ट्रक के लिए मांग आधारित प्रोत्साहन प्रदान किया जाता है। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक बसों की खरीद और चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए भी वित्तीय सहायता दी जाती है। योजना में परीक्षण सुविधाओं के उन्नयन और जागरूकता अभियान चलाने के लिए भी प्रावधान किए गए हैं।

संस्थागत ढांचा और कार्यान्वयन

पीएम ई-ड्राइव योजना के क्रियान्वयन की निगरानी प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन एंड सैंक्शनिंग कमेटी (PISC) द्वारा की जाती है, जिसकी अध्यक्षता भारी उद्योग मंत्रालय के सचिव करते हैं। यह समिति योजना की प्रगति की समीक्षा करती है और आवश्यकतानुसार प्रोत्साहनों में संशोधन करती है। राज्यों को भी प्रोत्साहित किया गया है कि वे रोड टैक्स में छूट, टोल में रियायत और पार्किंग लाभ जैसी सुविधाएं प्रदान करें।

सतत परिवहन में महत्व

सब्सिडी के विस्तार से विशेष रूप से अंतिम मील कनेक्टिविटी में उपयोग होने वाले दोपहिया और तिपहिया वाहनों के क्षेत्र में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ने की संभावना है। इससे प्रदूषण में कमी आएगी, ईंधन आयात पर निर्भरता घटेगी और हरित शहरी परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल भारत के जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी सहायक सिद्ध होगी।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • पीएम ई-ड्राइव योजना की शुरुआत अक्टूबर 2024 में की गई थी।
  • इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन पाने के लिए सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स (CMVR) का पालन करना होता है।
  • योजना में ई-टू व्हीलर, ई-थ्री व्हीलर, ई-बस और ई-ट्रक शामिल हैं।
  • चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास भारत की ईवी नीति का प्रमुख हिस्सा है।

अंततः, पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत सब्सिडी का विस्तार भारत को स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन प्रणाली की ओर तेजी से अग्रसर करेगा। यह न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद करेगा, बल्कि देश की आर्थिक और तकनीकी आत्मनिर्भरता को भी मजबूत बनाएगा।

Originally written on April 1, 2026 and last modified on April 1, 2026.

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