पहली बार किसी कीड़े को कानूनी अधिकार: पेरू में स्टिंगलेस मधुमक्खियों को मिला संवैधानिक दर्जा
दुनिया में पहली बार किसी कीट को कानूनी अधिकार दिए गए हैं। पेरू के सतीपो और नौता नगरपालिकाओं ने हाल ही में एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए अमेज़न क्षेत्र की स्टिंगलेस मधुमक्खियों (बिना डंक वाली मधुमक्खियाँ) को कानूनी मान्यता प्रदान की है। इस कदम का उद्देश्य इन प्राचीन परागणकर्ताओं के संरक्षण को मजबूत करना है, जिन्हें अमेज़न बेसिन में तेजी से बढ़ते वनों की कटाई, जलवायु परिवर्तन और जंगल की आग जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्टिंगलेस मधुमक्खियाँ क्या हैं?
स्टिंगलेस मधुमक्खियाँ Meliponini समूह की सदस्य होती हैं। इनमें डंक होता ही नहीं या होता है तो वह इतना कमजोर होता है कि इंसान को दर्द नहीं पहुंचा सकता। ये मुख्यतः उष्णकटिबंधीय और उपोष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों में पाई जाती हैं। लगभग 500 ज्ञात प्रजातियों में से आधी से अधिक अकेले अमेज़न वर्षावन में पाई जाती हैं। पेरू में ही 170 से अधिक प्रजातियाँ मौजूद हैं, जिससे यह क्षेत्र स्टिंगलेस मधुमक्खियों की विविधता के लिए एक वैश्विक हॉटस्पॉट बन गया है।
उष्णकटिबंधीय वनों में पारिस्थितिकीय भूमिका
स्टिंगलेस मधुमक्खियाँ लगभग 80 मिलियन वर्षों से अमेज़न जैवमंडल का हिस्सा रही हैं। वे उष्णकटिबंधीय वनस्पतियों की सबसे प्रभावी परागणकर्ता मानी जाती हैं। अमेज़न में वे 80% से अधिक पौधों की प्रजातियों का परागण करती हैं, जिनमें कोको, कॉफी और एवोकाडो जैसी आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण फसलें भी शामिल हैं।
इनका ह्रास सीधे तौर पर वन पुनरुत्थान, खाद्य सुरक्षा और जैव विविधता की स्थिरता को प्रभावित करता है। इनके संरक्षण के बिना अमेज़न की पारिस्थितिकीय श्रृंखला असंतुलित हो सकती है।
सांस्कृतिक और औषधीय महत्व
अशानिंका और कुकामा-कुकामीरिया जैसे स्वदेशी समुदायों में स्टिंगलेस मधुमक्खियों का गहरा सांस्कृतिक महत्व है। इनकी शहद का उपयोग पारंपरिक चिकित्सा में संक्रमण और सूजन के इलाज के लिए किया जाता है। वैज्ञानिक अनुसंधानों ने भी इस शहद में जीवाणुनाशक, सूजनरोधी और वायरसरोधी गुणों की पुष्टि की है।
स्टिंगलेस मधुमक्खी का शहद व्यावसायिक शहद से रासायनिक रूप से भिन्न होता है। इसमें अधिक मात्रा में पानी होता है और इसका स्वाद खट्टा-मीठा होता है, जो इसे विशिष्ट बनाता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- स्टिंगलेस मधुमक्खियाँ Meliponini प्रजाति की होती हैं और डंकविहीन होती हैं।
- ये अमेज़न के 80% से अधिक पौधों का परागण करती हैं।
- पेरू में 170 से अधिक स्टिंगलेस मधुमक्खी प्रजातियाँ मौजूद हैं।
- इनकी शहद रासायनिक रूप से व्यावसायिक शहद से अलग होती है और औषधीय गुण रखती है।
कानूनी अधिकार और संरक्षण की दिशा में प्रभाव
2024 में पेरू सरकार द्वारा स्टिंगलेस मधुमक्खियों को ‘देशी प्रजाति’ घोषित किया गया था और उन्हें संरक्षण प्रदान करने का कानूनी आदेश पारित किया गया था। अब स्थानीय स्तर पर पारित नए कानूनों ने इन मधुमक्खियों को ‘अधिकार प्राप्त जीव’ का दर्जा दिया है। इनके अधिकारों में जीवित रहने, जनसंख्या पुनर्जीवन, निवास बहाली और प्रदूषण मुक्त वातावरण में रहने का अधिकार शामिल है।
ये कानून स्वदेशी नेताओं और वैज्ञानिकों के सहयोग से बनाए गए हैं, जो सांस्कृतिक और पारिस्थितिक अधिकारों को जोड़ते हैं। अब राष्ट्रीय स्तर पर इस मॉडल को अपनाने की तैयारी चल रही है, जिससे दुनिया भर में कीट संरक्षण के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम हो सकती है।
यह कदम न सिर्फ पर्यावरणीय न्याय की दिशा में है, बल्कि यह दिखाता है कि कीटों की पारिस्थितिक भूमिका को अब वैश्विक स्तर पर गंभीरता से लिया जा रहा है।