पश्चिम बंगाल की जेल में हर्पीस सिम्प्लेक्स वायरस का प्रकोप

पश्चिम बंगाल की जेल में हर्पीस सिम्प्लेक्स वायरस का प्रकोप

पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी केंद्रीय सुधार गृह में हर्पीस सिम्प्लेक्स वायरस (एचएसवी) के प्रकोप ने गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता पैदा कर दी है। अगस्त 2025 से मार्च 2026 के बीच इस संक्रमण से 92 कैदी प्रभावित हुए हैं। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार संक्रमण से जुड़ी जटिलताओं के कारण सात कैदियों की मृत्यु भी हो चुकी है। यह घटना बंद संस्थागत वातावरण में संक्रामक रोगों के प्रसार के जोखिम और भीड़भाड़ वाली जेलों में स्वास्थ्य प्रबंधन की चुनौतियों को उजागर करती है।

संक्रमण के दौरान सात कैदियों की मौत

आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार चार कैदियों की मृत्यु उपचार के दौरान उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में हुई, जबकि तीन अन्य कैदियों की मौत जलपाईगुड़ी जिला अस्पताल में हुई। हालिया घटना 6 मार्च को सामने आई, जब 48 वर्षीय कैदी देबेन मंडल की मृत्यु हो गई। उन्हें 2 मार्च को जलपाईगुड़ी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अधिकारियों के अनुसार कई संक्रमित कैदी ठीक हो गए, लेकिन लगभग आधे प्रभावित कैदियों को अलग रखना पड़ा या सरकारी अस्पतालों में उपचार देना पड़ा।

भीड़भाड़ को प्रमुख जोखिम कारक माना गया

स्वास्थ्य अधिकारियों ने इस संक्रमण के फैलने का मुख्य कारण जेल में अत्यधिक भीड़भाड़ को बताया है। जलपाईगुड़ी केंद्रीय सुधार गृह की स्वीकृत क्षमता लगभग 700 कैदियों की है, जबकि वर्तमान में यहाँ 1200 से अधिक कैदी रखे गए हैं। जलपाईगुड़ी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जेल प्रशासन को भेजे गए पत्र में चेतावनी दी कि अत्यधिक नजदीकी संपर्क, साझा उपयोग की सुविधाएँ और व्यक्तिगत स्वच्छता की कमी ऐसे वातावरण में वायरस के प्रसार को तेजी से बढ़ा सकती है।

संक्रमण नियंत्रण के लिए सुझाए गए उपाय

स्वास्थ्य अधिकारियों ने वायरस के प्रसार को रोकने के लिए कई कदम सुझाए हैं। इनमें संक्रमित कैदियों को अलग रखना, स्वच्छता और हाथ धोने की व्यवस्था को बेहतर बनाना, जेल बैरकों में बेहतर वेंटिलेशन सुनिश्चित करना और भीड़भाड़ कम करना शामिल है। इसके अलावा अधिकारियों ने आंतरिक संक्रमण अलर्ट घोषित करने, लक्षण वाले कैदियों को एंटीवायरल उपचार देने और रोजाना स्वास्थ्य निगरानी के साथ नियमित रिपोर्ट तैयार करने की भी सिफारिश की है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • हर्पीस सिम्प्लेक्स वायरस एक सामान्य वायरस है जो मुख या जननांग संक्रमण का कारण बन सकता है।
  • कुछ मामलों में एचएसवी संक्रमण से एन्सेफलाइटिस यानी मस्तिष्क की गंभीर सूजन हो सकती है।
  • जेलों में अत्यधिक भीड़भाड़ संक्रामक रोगों के प्रसार का बड़ा कारण बन सकती है।
  • प्रिजन स्टैटिस्टिक्स ऑफ इंडिया रिपोर्ट गृह मंत्रालय द्वारा प्रकाशित की जाती है।

जेल स्थितियों पर सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता

सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। महामारी विज्ञान विशेषज्ञों का मानना है कि सीमित स्वच्छता सुविधाओं और भीड़भाड़ वाली जेलें संक्रामक रोगों के प्रसार के लिए संवेदनशील स्थान बन सकती हैं। प्रिजन स्टैटिस्टिक्स ऑफ इंडिया 2023 रिपोर्ट के अनुसार पश्चिम बंगाल की जिला जेलों में औसत अधिभोग दर लगभग 158 प्रतिशत है। यह स्थिति जेलों में स्वास्थ्य और स्वच्छता प्रबंधन की व्यापक चुनौती को दर्शाती है।

यह घटना दर्शाती है कि सुधार गृहों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ, पर्याप्त स्थान और स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। इससे न केवल कैदियों के स्वास्थ्य की रक्षा होगी बल्कि संभावित संक्रामक रोगों के बड़े प्रकोप को भी रोका जा सकेगा।

Originally written on March 16, 2026 and last modified on March 16, 2026.

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