पश्चिमी वायु कमान सम्मेलन 2025: आत्मनिर्भर और सक्षम वायुसेना की दिशा में कदम
पश्चिमी वायु कमान (Western Air Command) का दो दिवसीय कमांडर्स’ सम्मेलन 28 नवंबर 2025 को नई दिल्ली में संपन्न हुआ। इस सम्मेलन में वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व ने भारतीय वायुसेना की परिचालन तत्परता, भविष्य की क्षमता-विकास योजनाओं और आत्मनिर्भरता के प्रयासों की समीक्षा की। इस वर्ष का विषय था “विकासशील सक्षम भारतीय वायु सेना”, जो भारतीय वायुसेना की आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की भावना को केंद्र में रखता है।
वायुसेना प्रमुख का संबोधन
सम्मेलन की अध्यक्षता वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह ने की। उनके आगमन पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। अपने संबोधन में उन्होंने वायु योद्धाओं के प्रशिक्षण, नेतृत्व विकास और कल्याण योजनाओं को और सशक्त बनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि मनोबल किसी भी सैन्य बल की परिचालन शक्ति का अहम हिस्सा है, और वायुसेना को अपने मूल मूल्यों मिशन, इंटेग्रिटी और एक्सीलेंस को हर स्तर पर अपनाए रखना चाहिए।
परिचालन तत्परता और सामरिक नवाचार पर जोर
सम्मेलन के दौरान पश्चिमी वायु कमान के कमांडरों, वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों के बीच व्यापक विचार-विमर्श हुआ। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने वायुसेना को उच्च पेशेवर दक्षता, निरंतर अनुकूलन क्षमता और सामरिक नवाचार अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बदलते सुरक्षा वातावरण में मानसिक और शारीरिक चपलता वायुसेना की परिचालन शक्ति को बनाए रखने की कुंजी है।
तकनीकी आत्मनिर्भरता और भविष्य की क्षमताएँ
सम्मेलन में स्वदेशी प्रौद्योगिकियों की रणनीतिक उपयोगिता पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रोफेसर अजय कुमार सूद ने कहा कि राष्ट्रीय संप्रभुता की सुरक्षा के लिए तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर वायुसेना अनिवार्य है। डीआरडीओ की महानिदेशक (एयरो), डॉ. के. राजलक्ष्मी मेनन ने बताया कि स्वायत्त हवाई प्रणालियाँ, एयरबोर्न निगरानी प्लेटफॉर्म और अंतरिक्ष-सक्षम सूचना प्रणाली (ISR) भविष्य की वायु शक्ति के प्रमुख स्तंभ बनेंगे।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- सम्मेलन का विषय था “विकासशील सक्षम भारतीय वायु सेना”।
- वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह ने सम्मेलन की अध्यक्षता की।
- जनरल अनिल चौहान ने परिचालन तत्परता और नवाचार पर बल दिया।
- पश्चिमी वायु कमान भारत के पश्चिमी और उत्तरी वायुस्पेस की सुरक्षा करती है।