पंचायत चुनावों में दो-बाल नीति खत्म: तेलंगाना विधानसभा ने सर्वसम्मति से विधेयक पारित किया

पंचायत चुनावों में दो-बाल नीति खत्म: तेलंगाना विधानसभा ने सर्वसम्मति से विधेयक पारित किया

तेलंगाना विधानसभा ने स्थानीय निकाय चुनावों में दो-बाल नीति को समाप्त करने वाला महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक सर्वसम्मति से पारित कर दिया है। यह नीति परिवर्तन राज्य में बदलते जनसांख्यिकीय परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए किया गया है, जिससे अधिक व्यक्तियों को ग्राम पंचायत और स्थानीय स्वशासन में भागीदारी का अवसर मिलेगा।

दो-बाल प्रतिबंध का अंत

तेलंगाना पंचायत राज (संशोधन) विधेयक, 2026 में अब तक लागू उस प्रावधान को हटा दिया गया है, जो दो से अधिक बच्चों वाले व्यक्तियों को पंचायत चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित करता था।

राज्य की पंचायत राज मंत्री अनसूया सीतक्का ने विधेयक प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह प्रावधान 1994 में जनसंख्या वृद्धि, खाद्य सुरक्षा, रोजगार और गरीबी की चिंता के चलते लाया गया था। लेकिन वर्तमान में जनांकिकीय स्थितियां काफी बदल चुकी हैं।

बदलते जनसांख्यिकीय रुझान

मंत्री ने बताया कि ग्रामीण तेलंगाना में कुल प्रजनन दर (TFR) अब केवल 1.7 रह गई है, जो प्रति महिला औसतन बच्चों की संख्या दर्शाता है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह दर अधिक समय तक इतनी कम बनी रही तो राज्य की जनसांख्यिकीय लाभांश और भविष्य की श्रम शक्ति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए यह संशोधन आबादी के मौजूदा रुझानों के अनुसार किया गया है।

अन्य पंचायत राज संशोधन

विधानसभा ने तेलंगाना पंचायत राज (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2026 भी पारित किया, जिसके अंतर्गत वनापार्थी मंडल के ‘जैंतिरुमलापूर’ गांव का नाम बदलकर ‘जयन्ना तिरुमलापुर’ किया गया है। यह स्थानीय जनभावनाओं और प्रशासनिक अद्यतनों के अनुसार किया गया है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • तेलंगाना ने स्थानीय निकाय चुनावों के लिए दो-बाल नीति को समाप्त कर दिया है।
  • यह नीति पहली बार 1994 में लागू की गई थी।
  • ग्रामीण तेलंगाना की कुल प्रजनन दर (TFR) 1.7 है।
  • पंचायत राज कानून स्थानीय स्वशासन (Grassroots Governance) को विनियमित करता है।

लोक सेवा और स्टाफिंग से जुड़े विधायी सुधार

उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्का द्वारा प्रस्तुत दो अन्य विधेयक भी सर्वसम्मति से पारित किए गए। इनमें शामिल हैं:

  • तेलंगाना (सार्वजनिक सेवाओं में नियुक्तियों का विनियमन और स्टाफिंग एवं वेतन संरचना का युक्तिकरण) (संशोधन) विधेयक, 2026, और
  • इसका द्वितीय संशोधन विधेयक

इन विधेयकों का उद्देश्य राज्य की प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना, नियुक्तियों की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और वेतन संरचना को संतुलित करना है।

इन विधायी निर्णयों से स्पष्ट है कि तेलंगाना सरकार न केवल स्थानीय लोकतंत्र को सशक्त करने, बल्कि प्रशासनिक सुधारों की दिशा में भी गंभीर पहल कर रही है।

Originally written on January 7, 2026 and last modified on January 7, 2026.

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