न्यूजीलैंड के गहराई वाले समुद्र में मिला विशाल और प्राचीन ब्लैक कोरल: समुद्री पारिस्थितिकी का अनमोल रहस्य
न्यूजीलैंड के फिओर्डलैंड क्षेत्र की गहराई में समुद्री वैज्ञानिकों ने एक अत्यंत विशाल और प्राचीन ब्लैक कोरल की खोज की है, जो न केवल समुद्री जैव विविधता की समृद्धता को दर्शाता है, बल्कि गहरे समुद्री पारिस्थितिक तंत्रों के संरक्षण की आवश्यकता को भी उजागर करता है। यह खोज समुद्र विज्ञान में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।
फिओर्डलैंड की गहराई में अद्वितीय खोज
विक्टोरिया विश्वविद्यालय वेलिंगटन की वैज्ञानिक टीम द्वारा किए गए एक गहरे समुद्र में अन्वेषण अभियान के दौरान यह ब्लैक कोरल फिओर्डलैंड के जल में खोजा गया। यह कोरल 13 फीट से अधिक ऊंचा और लगभग 15 फीट चौड़ा है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह कोरल 300 से 400 वर्ष पुराना है, जिससे यह न्यूजीलैंड के जल में अब तक दर्ज सबसे बड़ा ब्लैक कोरल बन गया है।
खोज का वैज्ञानिक महत्व
समुद्री जीवविज्ञानी जेम्स बेल के अनुसार, यह कोरल आमतौर पर पाए जाने वाले ब्लैक कोरल की तुलना में अत्यधिक विशाल है। अधिकांश ब्लैक कोरल पूर्ण रूप से विकसित होने पर भी अपेक्षाकृत छोटे रहते हैं। इतने पुराने और बड़े कोरल धीमी गति से बढ़ने वाली प्रजातियों के लिए महत्वपूर्ण प्रजनन स्थल होते हैं। इनका अस्तित्व यह संकेत देता है कि इन क्षेत्रों में सदियों से पर्यावरणीय स्थितियाँ स्थिर रही हैं, जो महासागर के दीर्घकालिक स्वास्थ्य के विश्लेषण में सहायक है।
संरक्षण और सुरक्षा उपाय
यह खोज समुद्री पारिस्थितिकी के संरक्षण के लिए गंभीर संकेत देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे विशाल कोरल स्थानों की पहचान करना आवश्यक है ताकि उन्हें लंगर डालने, मछली पकड़ने के उपकरणों या समुद्र तल में की गई गड़बड़ियों से बचाया जा सके। न्यूजीलैंड के वाइल्डलाइफ एक्ट के अंतर्गत यह कोरल संरक्षित है, जिसका अर्थ है कि इसे नुकसान पहुँचाना या एकत्र करना अवैध है।
गौरतलब है कि ब्लैक कोरल नाम होने के बावजूद इसका जीवित ऊतक सफेद होता है, जबकि इसका कंकाल काले रंग का होता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ब्लैक कोरल अत्यंत धीमी गति से बढ़ता है और कई शताब्दियों तक जीवित रह सकता है।
- न्यूजीलैंड के फिओर्डलैंड में मिला ब्लैक कोरल अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड किया गया है।
- यह कोरल न्यूजीलैंड के वाइल्डलाइफ संरक्षण कानूनों के तहत संरक्षित है।
- ये कोरल गहराई वाले समुद्र में रहने वाली प्रजातियों के लिए आवास और प्रजनन स्थल का कार्य करते हैं।
पारिस्थितिकीय भूमिका और वैश्विक महत्व
ब्लैक कोरल आमतौर पर समुद्र की गहराई में पाए जाते हैं और विभिन्न समुद्री जीवों के लिए आवास प्रदान करके समुद्री जीवन के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐतिहासिक रूप से इन्हें कई संस्कृतियों में आभूषण और औषधीय प्रयोजनों के लिए भी उपयोग किया गया है। इनकी धीमी वृद्धि और दीर्घायु उन्हें अत्यंत संवेदनशील बनाती है, जिससे इनके संरक्षण और स्थान-चिह्नन की आवश्यकता और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।
यह खोज न केवल समुद्र की अनदेखी गहराइयों में छिपे पारिस्थितिक रत्नों की झलक देती है, बल्कि उनके संरक्षण के लिए जागरूकता और ठोस कदम उठाने की पुकार भी है।