नीता अंबानी को KIIT से मानद डॉक्टरेट सम्मान
रिलायंस फाउंडेशन की संस्थापक और अध्यक्ष नीता अंबानी को भुवनेश्वर स्थित कलिंग इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (KIIT) द्वारा मानद डॉक्टरेट (डी.लिट ऑनोरिस कॉसा) से सम्मानित किया गया। यह सम्मान शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान को मान्यता देने के लिए प्रदान किया गया है। इस उपलब्धि ने उनके समाजसेवी कार्यों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक प्रतिष्ठा दिलाई है।
सामाजिक योगदान के लिए सम्मान
यह मानद उपाधि नीता अंबानी द्वारा रिलायंस फाउंडेशन के माध्यम से किए गए व्यापक कार्यों को पहचान देती है। उन्होंने शिक्षा, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य सेवाओं और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में कई प्रभावशाली पहल की हैं। उनके प्रयासों का मुख्य उद्देश्य वंचित और कमजोर वर्गों को सशक्त बनाना तथा उनके जीवन स्तर में सुधार लाना रहा है।
‘सेवा’ की भावना पर जोर
सम्मान समारोह के दौरान अपने संबोधन में नीता अंबानी ने “सेवा” की भावना को समाज निर्माण का आधार बताया। उन्होंने कहा कि एक समतामूलक और सशक्त समाज के निर्माण के लिए करुणा और सेवा अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि सच्ची सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों में नहीं, बल्कि दूसरों को आगे बढ़ाने और समाज के विकास में योगदान देने में निहित है।
शैक्षणिक संस्थानों की सराहना
नीता अंबानी ने KIIT और कलिंग इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (KISS) की सराहना करते हुए उन्हें “आधुनिक शिक्षा के मंदिर” बताया। उन्होंने इन संस्थानों द्वारा विशेष रूप से आदिवासी और वंचित वर्गों के लिए किए जा रहे समावेशी शिक्षा प्रयासों की प्रशंसा की। इन संस्थानों का मॉडल सामाजिक समावेशन और समग्र विकास का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- KIIT भुवनेश्वर, ओडिशा में स्थित एक प्रमुख शैक्षणिक संस्थान है।
- मानद डॉक्टरेट (डी.लिट ऑनोरिस कॉसा) समाज में विशेष योगदान के लिए प्रदान की जाती है।
- रिलायंस फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास के क्षेत्रों में कार्य करता है।
- KISS आदिवासी और वंचित समुदायों की शिक्षा पर केंद्रित संस्थान है।
अपने संदेश में नीता अंबानी ने युवाओं को बड़े सपने देखने के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी को बनाए रखने की प्रेरणा दी। उन्होंने भारत की वैश्विक नेतृत्व क्षमता पर विश्वास जताते हुए कहा कि करुणा, एकता और समावेशी विकास के माध्यम से देश एक उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर हो सकता है। यह सम्मान उनके निरंतर प्रयासों और समाज के प्रति समर्पण का प्रतीक है।