नासा की हबल दूरबीन ने खोजा रहस्यमय ‘क्लाउड-9’: ब्रह्मांड के प्रारंभिक युग का एक अदृश्य अवशेष

नासा की हबल दूरबीन ने खोजा रहस्यमय ‘क्लाउड-9’: ब्रह्मांड के प्रारंभिक युग का एक अदृश्य अवशेष

नासा की हबल स्पेस टेलीस्कोप ने हाल ही में ‘क्लाउड‑9’ नामक एक दुर्लभ और रहस्यमय खगोलीय वस्तु की पहचान की है, जो खगोल विज्ञानियों के लिए गैलेक्‍सी निर्माण की प्रारंभिक अवस्थाओं को समझने का एक अनूठा अवसर प्रस्तुत करती है। यह खोज ब्रह्मांड के “डार्क यूनिवर्स” को समझने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

क्या है ‘क्लाउड‑9’?

‘क्लाउड‑9’ एक विशेष प्रकार की गैस संरचना है जिसे Reionization-Limited H I Cloud (RELHIC) कहा जाता है।
मुख्य विशेषताएँ:

  • इसमें H I (न्यूट्रल हाइड्रोजन) गैस प्रमुख रूप से पाई जाती है
  • इसका आकार लगभग 4,900 प्रकाश वर्ष तक फैला हुआ है
  • इसमें मौजूद हाइड्रोजन का द्रव्यमान सूर्य के लगभग दस लाख गुना है
  • इसके चारों ओर मौजूद डार्क मैटर हैलो का अनुमानित द्रव्यमान पांच अरब सौर द्रव्यमानों के बराबर है
  • सबसे महत्वपूर्ण बात: इसमें कोई तारा नहीं बना, जो इसे एक “असफल आकाशगंगा” (failed galaxy) बनाता है

प्रारंभिक ब्रह्मांड का एक जीवाश्म

‘क्लाउड‑9’ को वैज्ञानिक ब्रह्मांड की शुरुआत से शेष बचा एक “रिलिक” मानते हैं।

  • ये ऐसे गैस के बादल हैं जो ब्रह्मांड के आरंभिक काल में बने लेकिन तारों का निर्माण नहीं कर पाए
  • यह खोज सिद्ध करती है कि हर डार्क मैटर संरचना आकाशगंगा में विकसित नहीं होती, कुछ ‘प्राइमर्डियल बिल्डिंग ब्लॉक्स’ बिना तारे बने ही रह जाते हैं।

प्रमुख अन्वेषक अलेजांद्रो बेनिटेज-ललाम्बे (University of Milano-Bicocca) ने इसे गैलेक्सी निर्माण सिद्धांतों की पुष्टि करने वाला साक्ष्य बताया है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • “H I” खगोलशास्त्र में न्यूट्रल हाइड्रोजन को दर्शाता है।
  • डार्क मैटर ब्रह्मांड के कुल द्रव्यमान का अधिकांश भाग है, पर यह प्रकाश का उत्सर्जन या अवशोषण नहीं करता।
  • RELHICs ब्रह्मांड के प्रारंभिक युग के गैस बादल हैं जो तारे नहीं बना पाए।
  • हबल स्पेस टेलीस्कोप को NASA और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) संयुक्त रूप से संचालित करते हैं।

खोज का वैज्ञानिक और वैश्विक महत्व

‘क्लाउड‑9’ जैसी संरचना, जिसमें डार्क मैटर प्रमुख है लेकिन तारे अनुपस्थित हैं, वैज्ञानिकों को एकांत वातावरण में डार्क मैटर के व्यवहार का अध्ययन करने का दुर्लभ अवसर देती है।

  • इससे यह सिद्धांत बल पाता है कि ब्रह्मांड में ऐसे कई डार्क मैटर संरचनाएँ हो सकती हैं, जो अभी तक “छुपी हुई द्रव्यमान” (hidden mass) के रूप में मौजूद हैं
  • यह खोज हाल ही में “द एस्ट्रोफिजिकल जर्नल लेटर्स” में प्रकाशित हुई है और फीनिक्स सम्मेलन में प्रस्तुत की गई

ESA के एंड्रयू फॉक्स ने इसे “डार्क यूनिवर्स की एक खिड़की” बताया।

‘क्लाउड‑9’ न केवल ब्रह्मांड की उत्पत्ति के रहस्यों की कुंजी है, बल्कि यह आकाशगंगाओं के निर्माण और उनके न बनने के कारणों की भी वैज्ञानिक व्याख्या प्रस्तुत करता है — एक ऐसी खोज जो आधुनिक खगोल विज्ञान को नई दिशा दे सकती है।

Originally written on January 9, 2026 and last modified on January 9, 2026.

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