नारकोंडम द्वीप पर सैंडरलिंग की दुर्लभ उपस्थिति, 7400 किमी की अद्भुत यात्रा
अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के नारकोंडम द्वीप पर हाल ही में एक टैग की गई सैंडरलिंग पक्षी का देखा जाना वैज्ञानिकों के लिए एक महत्वपूर्ण घटना है। यह छोटा प्रवासी पक्षी दक्षिण ऑस्ट्रेलिया से लगभग 7,400 किलोमीटर की लंबी यात्रा तय करके यहां पहुंचा है। यह खोज न केवल पक्षियों की अद्भुत प्रवासन क्षमता को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि दूरस्थ द्वीप वैश्विक प्रवासी मार्गों के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं।
सैंडरलिंग का परिचय
सैंडरलिंग (वैज्ञानिक नाम: Calidris alba) एक छोटा, गोलाकार शरीर वाला तटीय पक्षी है, जो समुद्र तटों पर तेज गति से दौड़ने के लिए जाना जाता है। इसका नाम पुराने अंग्रेज़ी शब्द “sand-yrðling” से लिया गया है, जिसका अर्थ “रेत को जोतने वाला” होता है। सर्दियों में इसका रंग हल्का सफेद होता है, जिसमें कंधों पर गहरे रंग का पैच दिखाई देता है। वहीं, गर्मियों में इसका रंग बदलकर चेहरे और गले पर ईंट-लाल हो जाता है।
आवास और वैश्विक वितरण
सैंडरलिंग विभिन्न प्रकार के आवासों में पाया जाता है, जैसे ज्वारीय रेतीले तट, कीचड़ वाले क्षेत्र, झीलों और नदियों के किनारे। इसके अलावा यह नम वनस्पति वाले क्षेत्रों, ढलानों और चट्टानी स्थानों पर भी देखा जाता है। यह पक्षी लगभग सभी प्रमुख महाद्वीपों—उत्तरी अमेरिका, यूरोप, एशिया, दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका और ओशिनिया—में पाया जाता है, जिससे यह सबसे व्यापक रूप से फैले हुए तटीय पक्षियों में से एक है।
प्रवासन और भोजन व्यवहार
सैंडरलिंग पूर्ण रूप से प्रवासी पक्षी है, जो 3,000 से 10,000 किलोमीटर तक की दूरी तय करता है। नारकोंडम द्वीप पर इसका देखा जाना इसकी लंबी दूरी तय करने की असाधारण क्षमता का प्रमाण है। यह मुख्य रूप से मांसाहारी होता है और छोटे केकड़े, मोलस्क तथा अन्य अकशेरुकी जीवों का सेवन करता है, जो इसे तटीय पारिस्थितिकी तंत्र से मिलते हैं।
संरक्षण स्थिति और चुनौतियां
हालांकि सैंडरलिंग का वैश्विक वितरण व्यापक है, फिर भी इसे आवास के नुकसान का खतरा बना हुआ है। विशेष रूप से आर्द्रभूमि और तटीय क्षेत्रों के क्षरण से इसकी संख्या प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, प्रदूषण और कीटनाशकों का प्रभाव भी इसके अस्तित्व के लिए चुनौती बनता जा रहा है। फिलहाल, अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) ने इसे “Least Concern” श्रेणी में रखा है, लेकिन इसके संरक्षण के लिए प्रवासी मार्गों की सुरक्षा बेहद जरूरी है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- सैंडरलिंग का वैज्ञानिक नाम Calidris alba है।
- यह 10,000 किलोमीटर तक की लंबी दूरी तय करने वाला प्रवासी पक्षी है।
- यह अंटार्कटिका को छोड़कर लगभग सभी महाद्वीपों में पाया जाता है।
- IUCN के अनुसार इसकी संरक्षण स्थिति “Least Concern” है।
नारकोंडम द्वीप पर सैंडरलिंग की यह दुर्लभ उपस्थिति हमें प्रकृति की जटिलता और जीवों की अद्भुत क्षमताओं का एहसास कराती है। साथ ही यह संकेत देती है कि वैश्विक स्तर पर पारिस्थितिकी तंत्रों का संरक्षण कितना आवश्यक है, ताकि ऐसे प्रवासी जीव अपनी लंबी यात्राओं को सुरक्षित रूप से जारी रख सकें।