नागालैंड के रुसोमा गांव में आरंभ हुआ पांचवां रुसोमा ऑरेंज फेस्टिवल: ग्रामीण समृद्धि और बागवानी विकास का उत्सव

नागालैंड के रुसोमा गांव में आरंभ हुआ पांचवां रुसोमा ऑरेंज फेस्टिवल: ग्रामीण समृद्धि और बागवानी विकास का उत्सव

नागालैंड के कोहिमा के पास स्थित रुसोमा गांव में आज पांचवें रुसोमा ऑरेंज फेस्टिवल का शुभारंभ हुआ। यह दो दिवसीय महोत्सव ग्रामीण समृद्धि को उजागर करने और बागवानी-आधारित विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल है। यह आयोजन न केवल रुसोमा संतरे की विशेष पहचान को लोकप्रिय बना रहा है, बल्कि स्थानीय उद्यमशीलता और कृषि पर्यटन को भी प्रोत्साहित कर रहा है।

“अबंडेंस ऑफ रुसोमा” थीम के तहत उत्सव

इस वर्ष का उत्सव “Abundance of Rüsoma” (रुसोमा की प्रचुरता) थीम के तहत आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य गांव के कल्याण को बढ़ावा देना, ग्रामीण उद्यमशीलता को सशक्त बनाना और संतरा उत्पादकों के समर्पण को सम्मान देना है। रुसोमा संतरे की अनोखी गुणवत्ता और स्वाद को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में यह उत्सव एक अहम मंच प्रदान कर रहा है।

संस्कृति और स्थानीय अर्थव्यवस्था का मंच

फेस्टिवल में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, सामुदायिक खेल, और विभिन्न स्टॉल शामिल हैं, जहां फास्ट फूड, पारंपरिक व्यंजन, संतरे के पौधे और स्थानीय उत्पादों की बिक्री की जा रही है। यह मंच स्थानीय उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के लिए व्यावसायिक अवसर प्रदान करता है, साथ ही कृषि पर्यटन (Agri-Tourism) और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देता है।

संतरा खेती में भारी सामुदायिक भागीदारी

रुसोमा गांव में संतरा खेती ग्रामीण जीवन की रीढ़ बन चुकी है। गांव के कुल 570 परिवारों में से 470 परिवार सीधे तौर पर संतरा उत्पादन में संलग्न हैं। यह दर्शाता है कि बागवानी आधारित कृषि को गांव के अधिकांश लोगों ने अपनाया है और एक सामूहिक सहयोगी मॉडल तैयार किया है, जो स्थायी आजीविका का आधार बनता जा रहा है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य:

  • रुसोमा गांव नागालैंड के कोहिमा के पास स्थित है।
  • रुसोमा ऑरेंज फेस्टिवल बागवानी आधारित ग्रामीण विकास को बढ़ावा देता है।
  • गांव के 80% से अधिक परिवार संतरा खेती से जुड़े हुए हैं।
  • कृषि महोत्सव ग्रामीण उद्यमशीलता को सशक्त करने के प्रमुख उपकरण होते हैं।

भविष्य की योजना: संतरा बागानों का विस्तार

रुसोमा गांव ने अगले 6 से 7 वर्षों में लगभग 100 हेक्टेयर क्षेत्र में संतरा बागानों का विस्तार करने का लक्ष्य रखा है। इस विस्तार से हर वर्ष लगभग 25 लाख संतरे उत्पादन की संभावना जताई गई है, जिससे रुसोमा पूर्वोत्तर भारत में एक प्रमुख साइट्रस (Citrus) हब के रूप में उभर सकता है। यह नागालैंड की बागवानी अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक अहम कदम होगा।

रुसोमा ऑरेंज फेस्टिवल इस बात का उदाहरण है कि कैसे सामुदायिक भागीदारी, स्थानीय उत्पादों की पहचान और सांस्कृतिक उत्सवों के माध्यम से ग्रामीण भारत में समग्र विकास संभव है।

Originally written on February 2, 2026 and last modified on February 2, 2026.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *