नशा मुक्त भारत के लिए केंद्र सरकार का रोडमैप: 9वीं एनसीओआरडी बैठक में गृहमंत्री अमित शाह का संकल्प

नशा मुक्त भारत के लिए केंद्र सरकार का रोडमैप: 9वीं एनसीओआरडी बैठक में गृहमंत्री अमित शाह का संकल्प

केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित नारको-कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) की 9वीं शीर्ष स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने अमृतसर में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के नए कार्यालय का उद्घाटन भी किया। यह बैठक हाइब्रिड मोड में आयोजित की गई, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारों के विभिन्न मंत्रालयों और ड्रग कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने भाग लिया।

नशा मुक्त भारत के लिए दीर्घकालिक योजना

गृहमंत्री ने स्पष्ट किया कि नशे की समस्या केवल कानून व्यवस्था से जुड़ा विषय नहीं, बल्कि नारको-आतंकवाद से जुड़ी गहरी साजिश है, जो भारत की आने वाली पीढ़ियों को लक्षित कर रही है।

उन्होंने घोषणा की कि 31 मार्च 2026 से एक राष्ट्रव्यापी तीन वर्षीय अभियान शुरू किया जाएगा, जिसमें स्पष्ट लक्ष्य, कार्य पद्धति और समयबद्ध समीक्षा प्रणाली शामिल होगी। सभी विभागों से 2029 तक की विस्तृत कार्य योजना तैयार करने को कहा गया है।

तीन स्तरीय रणनीति: कठोरता, रणनीति और संवेदना

श्री शाह ने नशा मुक्त भारत के लिए तीन-स्तरीय रणनीति प्रस्तुत की:

आपूर्ति श्रृंखला पर कठोर प्रहार: ड्रग्स की तस्करी और निर्माण में शामिल लोगों के प्रति शून्य सहिष्णुता
मांग में कमी के लिए रणनीतिक दृष्टिकोण: जन-जागरूकता और सामाजिक पहल
पीड़ितों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण: पुनर्वास और व्यसन मुक्ति केंद्रों को मजबूती देना

उन्होंने कहा कि कमान, अनुपालन और जवाबदेही को मजबूत करना ही प्रभावी क्रियान्वयन की कुंजी है।

प्रवर्तन की उपलब्धियाँ और निष्कर्ष

गृह मंत्री ने बताया कि:

2004–2013 के बीच ₹40,000 करोड़ मूल्य के ड्रग्स जब्त हुए थे,
• जबकि 2014–2025 के बीच यह आंकड़ा ₹1.71 लाख करोड़ तक पहुंच गया।
ड्रग्स का विनाश 11 गुना बढ़ा है।
नकली ड्रग्स और सिंथेटिक नशीले पदार्थों के विरुद्ध भी बड़ी कार्रवाई हुई है।
अवैध अफीम की खेती का उन्मूलन वर्ष 2020 में 10,770 एकड़ से बढ़कर 2025 में 40,000 एकड़ तक पहुंच गया है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

NCORD (Narco-Coordination Centre) की स्थापना 2016 में हुई थी।
• यह एक चार-स्तरीय तंत्र है: शीर्ष, कार्यकारी, राज्य और जिला स्तर।
नशीली दवाओं के नियंत्रण की रणनीति तीन बिंदुओं पर केंद्रित होती है: आपूर्ति में कमी, मांग में कमी और हानि में कमी
फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरीज़ नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में जांच और सजा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

भविष्य की दिशा और संस्थागत ढांचा

NCORD तंत्र का उद्देश्य बहु-एजेंसी समन्वय को मजबूत करना है। गृह मंत्री ने सभी संबंधित विभागों और राज्य पुलिस को निर्देश दिया कि:

स्पष्ट और केंद्रित कार्य योजना तैयार करें
जब्त नशीले पदार्थों के शीघ्र विनाश की प्रक्रिया तेज करें
दोषसिद्धि दर (Conviction Rate) को बढ़ाएं

उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत को विश्व नेतृत्व की ओर अग्रसर करने के लिए यह आवश्यक है कि युवाओं को नशे से मुक्त रखा जाए।

NCORD बैठक 2025 भारत सरकार की नशा मुक्त समाज के निर्माण की प्रतिबद्धता का एक मजबूत संकेत है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य और युवा शक्ति की रक्षा के लिए सामूहिक और समन्वित प्रयासों को प्रेरित करती है।

Originally written on January 12, 2026 and last modified on January 12, 2026.

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