नर्मदा जल पहुंचने से बदल गई सरहदी गांव सुंदर्रा की तस्वीर

नर्मदा जल पहुंचने से बदल गई सरहदी गांव सुंदर्रा की तस्वीर

राजस्थान के बाड़मेर जिले में भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित दूरस्थ गांव सुंदर्रा में पहली बार नल से स्वच्छ पेयजल पहुंचा है। नर्मदा नहर प्रणाली से लगभग 728 किलोमीटर की लंबी यात्रा तय कर यह पानी गांव तक पहुंचा, जिससे दशकों पुरानी जल संकट की समस्या का समाधान हुआ। यह उपलब्धि विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि स्वतंत्रता के बाद पहली बार यहां के कई परिवारों को घरों में साफ पानी मिल रहा है।

सरहदी गांव में ऐतिहासिक बदलाव

सुंदर्रा गांव बाड़मेर जिला मुख्यालय से करीब 170 किलोमीटर दूर स्थित है और लंबे समय से पानी की भारी कमी से जूझ रहा था। यहां के लोग खारे और फ्लोराइड युक्त भूजल पर निर्भर थे, जो पीने योग्य नहीं था। कई बार लोगों को दूर-दराज के क्षेत्रों से पानी लाना पड़ता था। ऐसे में पाइपलाइन के जरिए पेयजल की आपूर्ति केवल एक विकास परियोजना नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का प्रतीक बन गई है।

जल संकट के कारण

इस क्षेत्र में जल संकट का मुख्य कारण भूजल का अत्यधिक खारापन और फ्लोराइड की अधिक मात्रा थी। इससे लोगों में दांतों का पीला पड़ना और हड्डियों से जुड़ी बीमारियां आम थीं। महिलाओं को रोजाना कई किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ता था, जिससे उनका जीवन और अधिक कठिन हो जाता था। इसके अलावा, 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्धों के दौरान हुए विस्थापन ने इस क्षेत्र की समस्याओं को और बढ़ा दिया था।

परियोजना का क्रियान्वयन

सुंदर्रा तक पानी पहुंचाने का कार्य नर्मदा नहर आधारित पेयजल परियोजना के तहत संभव हुआ। इस योजना का उद्देश्य बाड़मेर क्षेत्र के 200 से अधिक गांवों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है। इसके लिए बड़े जलाशयों, पंपिंग स्टेशनों और ऊंचे जल भंडारण ढांचों का निर्माण किया गया। इस परियोजना को पूरा करने में रेत के टीलों, बिजली की कमी और सीमावर्ती सुरक्षा जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

क्षेत्रीय विकास में महत्व

इस परियोजना से गांव के लोगों को तत्काल राहत मिली है। बुजुर्गों को पहली बार घरों में नल का पानी मिल रहा है और महिलाओं को पानी लाने की दैनिक कठिनाई से मुक्ति मिली है। यह पहल पश्चिमी राजस्थान के दूरस्थ क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। इससे न केवल जीवन स्तर में सुधार होगा, बल्कि स्वास्थ्य और स्वच्छता में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • नर्मदा नदी का उद्गम मध्य प्रदेश के अमरकंटक पहाड़ियों से होता है।
  • सरदार सरोवर बांध नर्मदा नदी पर गुजरात में स्थित है।
  • नर्मदा मुख्य नहर लगभग 458 किमी तक गुजरात से राजस्थान की ओर जाती है।
  • बाड़मेर जिला थार मरुस्थल में भारत-पाक सीमा के पास स्थित है।

सुंदर्रा गांव में नर्मदा जल की पहुंच यह दर्शाती है कि दूरस्थ और कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में भी योजनाबद्ध प्रयासों से बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। यह पहल न केवल जल संकट का समाधान है, बल्कि यह सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास और लोगों के जीवन में सम्मान व स्थिरता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Originally written on April 11, 2026 and last modified on April 11, 2026.

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