नई दिल्ली में 28वीं राष्ट्रमंडल अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन: भारत की संसदीय भूमिका का वैश्विक मंच
भारत ने एक बार फिर अपनी मजबूत लोकतांत्रिक परंपराओं और संसदीय दक्षता को वैश्विक पटल पर स्थापित करते हुए 28वें कॉन्फ्रेंस ऑफ स्पीकर्स एंड प्रिसाइडिंग ऑफिसर्स ऑफ द कॉमनवेल्थ (CSPOC) की मेज़बानी की है। यह तीन दिवसीय सम्मेलन नई दिल्ली में 16 जनवरी तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 60 से अधिक राष्ट्रमंडल देशों और अर्ध-स्वायत्त संसदों के पीठासीन अधिकारी भाग ले रहे हैं।
CSPOC एक प्रमुख संसदीय मंच है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रमंडल देशों के भीतर संसदीय लोकतंत्र की विभिन्न स्वरूपों में समझ और ज्ञान को बढ़ावा देना है। यह सम्मेलन संसदीय संस्थानों को संवाद, सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान और सहयोगात्मक अध्ययन के माध्यम से सशक्त बनाने की दिशा में कार्य करता है।
भारत द्वारा इस सम्मेलन की मेज़बानी करना यह दर्शाता है कि देश एक सक्रिय और परिपक्व लोकतंत्र के रूप में राष्ट्रमंडल के भीतर विशिष्ट स्थान रखता है। यह आयोजन संसदीय पारदर्शिता, आधुनिकता और वैश्विक सहयोग का प्रतीक बन गया है।
इस सम्मेलन के अध्यक्ष लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला हैं। सम्मेलन के पहले दिन स्थायी समिति की बैठक उनकी अध्यक्षता में संपन्न हुई। 15 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान सदन के ऐतिहासिक केंद्रीय कक्ष में इस सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन किया। उन्होंने उपस्थित सभी पीठासीन अधिकारियों के साथ अनौपचारिक संवाद भी किया, जिससे लोकतांत्रिक सहयोग की भावना और सशक्त हुई।
CSPOC के इस संस्करण में कई समकालीन संसदीय विषयों पर सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें प्रमुखतः निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:
- संसद में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग और संभावनाएँ
- संसदीय कार्यों में सर्वोत्तम प्रथाओं और नवाचारों का साझा करना
- सोशल मीडिया का संसद सदस्यों पर प्रभाव
- जनता के बीच संसदीय प्रक्रिया की समझ को बढ़ाना
- सांसदों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण से जुड़े मुद्दे
इन विषयों पर गहन चर्चा का उद्देश्य संसदीय प्रणाली को आधुनिक बनाना है, साथ ही यह सुनिश्चित करना कि लोकतांत्रिक मूल्य संरक्षित रहें।
सम्मेलन के समापन के पश्चात, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला CSPOC की अध्यक्षता यूके हाउस ऑफ कॉमन्स के अध्यक्ष लिंडसे होयल को औपचारिक रूप से हस्तांतरित करेंगे। यह आयोजन भारत की उस वैश्विक भूमिका को दर्शाता है, जिसमें वह लोकतांत्रिक संवाद और संसदीय सहयोग को बढ़ावा दे रहा है।
- CSPOC का पूर्ण रूप है: Conference of Speakers and Presiding Officers of the Commonwealth
- 28वां CSPOC सम्मेलन भारत द्वारा नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है।
- CSPOC की अध्यक्षता वर्तमान में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के पास है।
- प्रमुख विषयों में संसद में AI का उपयोग, सोशल मीडिया का प्रभाव, और सांसदों का स्वास्थ्य व सुरक्षा शामिल हैं।
यह सम्मेलन भारत की लोकतांत्रिक परिपक्वता और वैश्विक संसदीय सहभागिता की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इससे न केवल भारत के संसदीय रुख को सुदृढ़ता मिली है, बल्कि राष्ट्रमंडल में उसकी नेतृत्वकारी भूमिका भी प्रमाणित हुई है।