नई दिल्ली में हुआ NCSTC 2026: रणनीतिक व्यापार नियंत्रण पर भारत की वैश्विक प्रतिबद्धता

नई दिल्ली में हुआ NCSTC 2026: रणनीतिक व्यापार नियंत्रण पर भारत की वैश्विक प्रतिबद्धता

भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय सम्मेलन on Strategic Trade Controls (NCSTC) 2026 का आयोजन नई दिल्ली में किया गया। यह कार्यक्रम विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) के नेतृत्व में, विदेश मंत्रालय, भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ (FIEO) और अन्य सरकारी तथा औद्योगिक भागीदारों के सहयोग से आयोजित किया गया। यह सम्मेलन बदलते वैश्विक तकनीकी और सुरक्षा परिदृश्य में भारत की रणनीतिक व्यापार नियंत्रण प्रणाली को मजबूत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण मंच बना।

SCOMET और रणनीतिक व्यापार नियंत्रण पर केंद्रित चर्चा

NCSTC 2026 का मुख्य फोकस SCOMET (Special Chemicals, Organisms, Materials, Equipment and Technologies) सूची के अंतर्गत आने वाले द्वैतीय उपयोग और संवेदनशील वस्तुओं, तकनीकों, सॉफ़्टवेयर और उपकरणों के निर्यात से संबंधित नीतियों और प्रक्रियाओं पर रहा। सम्मेलन ने अंतरराष्ट्रीय अनुभवों और सर्वोत्तम व्यवहारों के आदान-प्रदान को संभव बनाया, जिसमें सरकार, उद्योग, शिक्षा क्षेत्र, अनुसंधान संस्थान और अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के बीच बेहतर समन्वय और अनुपालन पर जोर दिया गया।

रणनीतिक व्यापार नियंत्रण पुस्तिका का विमोचन

सम्मेलन के उद्घाटन सत्र के दौरान भारत की रणनीतिक व्यापार नियंत्रण प्रणाली पर आधारित हैंडबुक के तीसरे संस्करण का विमोचन किया गया। इस पुस्तिका को DGFT ने विदेश मंत्रालय के D&ISA डिवीजन के साथ मिलकर, विभिन्न सरकारी विभागों और विशेषज्ञों के सहयोग से तैयार किया है। यह हैंडबुक निर्यातकों और अन्य हितधारकों के लिए भारत की रणनीतिक व्यापार नियंत्रण नीतियों, प्रक्रियाओं और अनुपालन आवश्यकताओं पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान करती है।

वरिष्ठ अधिकारियों की भागीदारी और विषयगत सत्र

कार्यक्रम में वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल, CBIC अध्यक्ष विवेक चतुर्वेदी, विदेश व्यापार महानिदेशक लव अग्रवाल, और विदेश मंत्रालय की संयुक्त सचिव Muanpuii Saiawi सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। सम्मेलन में सात विषयगत सत्र आयोजित किए गए, जिनमें SCOMET नीति ढांचा, लाइसेंसिंग प्रक्रिया, प्रवर्तन प्रणाली, अनुपालन संरचना, आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षा, Authorised Economic Operator (AEO) कार्यक्रम और Intangible Technology Transfer (ITT) जैसे विषयों को शामिल किया गया।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • SCOMET सूची भारत में द्वैतीय उपयोग और संवेदनशील वस्तुओं के निर्यात को नियंत्रित करती है।
  • DGFT भारत की रणनीतिक व्यापार नियंत्रण प्रणाली के लिए नोडल एजेंसी है।
  • Intangible Technology Transfer का तात्पर्य तकनीकी ज्ञान के भौतिक रूप से नहीं, बल्कि डिजिटल/अमूर्त माध्यमों से स्थानांतरण से है।
  • रणनीतिक व्यापार नियंत्रण का उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए वैध उच्च प्रौद्योगिकी व्यापार को बढ़ावा देना है।

उभरती तकनीकों और वैश्विक व्यापार संतुलन पर विमर्श

सम्मेलन में रसायन और जैव प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष और एयरोस्पेस, रक्षा निर्यात और युद्ध सामग्री नियंत्रण जैसे क्षेत्रों पर गहन चर्चा की गई। साथ ही, क्वांटम तकनीक, उन्नत कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, Additive Manufacturing और साइबर सुरक्षा जैसी उभरती तकनीकों को हालिया SCOMET अद्यतनों के संदर्भ में विश्लेषित किया गया।

500 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों की उपस्थिति के साथ NCSTC 2026 ने यह स्पष्ट किया कि भारत एक पारदर्शी, प्रभावी और गैर-प्रसार लक्ष्यों की रक्षा करने वाली रणनीतिक व्यापार प्रणाली के लिए प्रतिबद्ध है, जो साथ ही उच्च प्रौद्योगिकी व्यापार को भी प्रोत्साहित करती है। यह सम्मेलन भारत के वैश्विक तकनीकी और सुरक्षा नेतृत्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

Originally written on January 16, 2026 and last modified on January 16, 2026.

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