नई दिल्ली में संपन्न हुआ अंतरराष्ट्रीय मलेरिया सम्मेलन 2026
नई दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय मलेरिया सम्मेलन (IMC) 2026 तीन दिनों की वैज्ञानिक चर्चाओं और वैश्विक सहभागिता के बाद संपन्न हो गया। यह सम्मेलन भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के अंतर्गत आईसीएमआर–नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मलेरिया रिसर्च द्वारा आयोजित किया गया था। 7 से 9 मार्च 2026 तक आयोजित इस सम्मेलन में भारत सहित कई देशों के वैज्ञानिक, नीति निर्माता, सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ और शोधकर्ता शामिल हुए। सम्मेलन का उद्देश्य मलेरिया उन्मूलन के प्रयासों को तेज करने के लिए नवीन रणनीतियों पर विचार-विमर्श करना था।
सम्मेलन की थीम और उद्देश्य
इस सम्मेलन का मुख्य विषय था “डिस्कवरी, डेवलपमेंट एंड डिलीवरी: ड्राइविंग मलेरिया एलिमिनेशन एंड बियॉन्ड”। इस मंच के माध्यम से वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने मलेरिया अनुसंधान से जुड़ी नई जानकारियों को साझा किया और वैश्विक सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया। विशेषज्ञों ने यह भी रेखांकित किया कि मलेरिया उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर शोध, मजबूत स्वास्थ्य प्रणाली और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी अत्यंत आवश्यक है।
वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार पर जोर
सम्मेलन के “डिस्कवरी” विषय के अंतर्गत मलेरिया परजीवी की जीवविज्ञान, रोग के प्रसार की प्रक्रिया और दवाओं के प्रति प्रतिरोध के आणविक तंत्र पर चर्चा की गई। वैज्ञानिकों ने ऐसे नए शोध परिणाम प्रस्तुत किए जो मलेरिया संक्रमण की बेहतर समझ विकसित करने में सहायक हो सकते हैं। इन अध्ययनों के आधार पर भविष्य में मलेरिया नियंत्रण के लिए अधिक प्रभावी रणनीतियां तैयार की जा सकती हैं।
निदान और अनुसंधान उपकरणों में प्रगति
सम्मेलन के “डेवलपमेंट” सत्र में मलेरिया के निदान, निगरानी तकनीकों और अनुसंधान उपकरणों में हुए नए नवाचारों पर चर्चा की गई। इस अवसर पर युवा वैज्ञानिकों और शोधार्थियों को भी अपने शोध प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया। पोस्टर प्रस्तुतियों और संक्षिप्त वैज्ञानिक व्याख्यानों के माध्यम से उन्होंने अपने शोध कार्य साझा किए, जिससे नए विचारों और शोध सहयोग को बढ़ावा मिला।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- मलेरिया एक मच्छर जनित रोग है जो प्लास्मोडियम परजीवी के कारण होता है।
- यह रोग संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से मनुष्यों में फैलता है।
- भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) भारत में जैव-चिकित्सा अनुसंधान की सर्वोच्च संस्था है।
- भारत ने राष्ट्रीय मलेरिया उन्मूलन ढांचे के तहत 2030 तक मलेरिया मुक्त होने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
अनुसंधान से सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्रवाई तक
सम्मेलन के अंतिम दिन “डिलीवरी” विषय पर विशेष ध्यान दिया गया, जिसमें वैज्ञानिक खोजों को प्रभावी सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों में बदलने पर चर्चा हुई। इसमें अवशिष्ट मलेरिया प्रसार को नियंत्रित करने की रणनीतियां, मलेरिया टीका अनुसंधान में प्रगति और सामुदायिक स्तर पर नियंत्रण कार्यक्रमों को मजबूत करने के उपाय शामिल थे। सम्मेलन के समापन पर वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय ने मलेरिया मुक्त विश्व की दिशा में प्रयासों को और तेज करने की प्रतिबद्धता दोहराई।