नई दिल्ली में आयोजित हुआ आहार अंतरराष्ट्रीय खाद्य एवं आतिथ्य मेला

नई दिल्ली में आयोजित हुआ आहार अंतरराष्ट्रीय खाद्य एवं आतिथ्य मेला

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नई दिल्ली में आहार अंतरराष्ट्रीय खाद्य एवं आतिथ्य मेले के 40वें संस्करण का उद्घाटन किया। यह मेला 10 से 14 मार्च 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का आयोजन खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय और इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गनाइजेशन द्वारा संयुक्त रूप से किया गया है। यह प्रदर्शनी खाद्य प्रसंस्करण, आतिथ्य और कृषि क्षेत्र से जुड़े उत्पादों, तकनीकों और व्यापारिक अवसरों को प्रदर्शित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती है।

यह आयोजन देश और विदेश के उद्यमियों, उद्योग प्रतिनिधियों, खरीदारों और नीति निर्माताओं को एक साथ लाकर व्यापार और सहयोग को बढ़ावा देने का अवसर देता है। इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय मेले भारत के खाद्य उद्योग को वैश्विक बाजारों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

खाद्य और आतिथ्य उद्योग के लिए प्रमुख मंच

आहार मेला एशिया के प्रमुख खाद्य प्रसंस्करण और आतिथ्य उद्योग से जुड़े आयोजनों में से एक माना जाता है। इस प्रदर्शनी में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शक भाग लेते हैं और अपने उत्पादों, सेवाओं तथा नवीन तकनीकों का प्रदर्शन करते हैं।

इस आयोजन के माध्यम से उद्योग से जुड़े विभिन्न हितधारकों को नए व्यावसायिक संबंध स्थापित करने और वैश्विक व्यापार के अवसर तलाशने का मौका मिलता है। इसके अलावा यह प्रदर्शनी 13 मार्च की शाम से आम जनता के लिए भी खोली जाएगी, जिससे लोग विभिन्न खाद्य उत्पादों और तकनीकों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

व्यापार और निर्यात अवसरों पर जोर

उद्घाटन के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय मेले भारत को मुक्त व्यापार समझौतों से मिलने वाले अवसरों का लाभ उठाने में मदद करते हैं। उन्होंने बताया कि भारत विश्व का सातवां सबसे बड़ा निर्यातक बन चुका है।

कृषि और समुद्री उत्पादों के क्षेत्र में भारत के किसान और मछुआरे मिलकर हर वर्ष लगभग पाँच लाख करोड़ रुपये मूल्य के उत्पादों का निर्यात करते हैं। सरकार का मानना है कि वैश्विक व्यापार साझेदारियों के विस्तार से भारत की निर्यात क्षमता और अधिक मजबूत होगी।

मुक्त व्यापार समझौतों की भूमिका

मुक्त व्यापार समझौते देशों के बीच व्यापारिक शुल्क को कम या समाप्त करने में मदद करते हैं। इससे निर्यातकों को विदेशी बाजारों में बेहतर अवसर मिलते हैं। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में भारत ने नौ मुक्त व्यापार समझौते संपन्न किए हैं, जिनसे 38 विकसित अर्थव्यवस्थाओं के बाजारों तक पहुंच संभव हुई है।

इन समझौतों के माध्यम से भारतीय उत्पादों को कई देशों में प्राथमिकता आधारित बाजार पहुंच मिलती है, जिससे भारत का वैश्विक मूल्य श्रृंखला में एकीकरण मजबूत होता है। साथ ही सरकार ने व्यापार वार्ताओं में चावल, गेहूं, मक्का, सोया मील और कई प्रकार की दालों जैसे महत्वपूर्ण कृषि उत्पादों को सुरक्षित रखने पर भी ध्यान दिया है ताकि घरेलू हितों की रक्षा की जा सके।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • आहार एक अंतरराष्ट्रीय खाद्य और आतिथ्य मेला है, जिसका आयोजन खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय और इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गनाइजेशन द्वारा किया जाता है।
  • इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गनाइजेशन अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए प्रदर्शनी और व्यापार मेलों का आयोजन करता है।
  • मुक्त व्यापार समझौते भाग लेने वाले देशों के बीच शुल्क को कम या समाप्त करते हैं।
  • यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ में स्विट्ज़रलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिकटेंस्टाइन शामिल हैं।

इस वर्ष आहार मेले में पहली बार इटली को भागीदार देश के रूप में शामिल किया गया है। भारत में इटली के राजदूत ने बताया कि यह आयोजन कृषि-खाद्य क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। यूरोपीय बाजार कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के लिए एक बड़ा आयातक क्षेत्र है, और व्यापार समझौतों के कारण कई भारतीय उत्पादों पर शुल्क बहुत कम या लगभग शून्य है। इससे भारत और यूरोपीय देशों के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है।

Originally written on March 11, 2026 and last modified on March 11, 2026.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *