नंदामुरी बालकृष्ण को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड: सिनेमा में 50 वर्षों की उपलब्धि

नंदामुरी बालकृष्ण को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड: सिनेमा में 50 वर्षों की उपलब्धि

तेलुगु सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नंदामुरी बालकृष्ण को इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ दिल्ली (IFFD) 2026 में लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इस समारोह में उनके पांच दशक लंबे शानदार फिल्मी करियर को विशेष रूप से सराहा गया। यह सम्मान भारतीय सिनेमा में उनके महत्वपूर्ण योगदान और प्रभावशाली उपस्थिति को दर्शाता है।

पांच दशक के फिल्मी करियर का सम्मान

नंदामुरी बालकृष्ण ने सिनेमा जगत में 50 वर्ष पूरे किए हैं, जो एक दुर्लभ उपलब्धि मानी जाती है। अपने करियर के दौरान उन्होंने विभिन्न शैलियों की फिल्मों में अभिनय करते हुए दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई। उनकी फिल्मों में एक्शन, ड्रामा और सामाजिक संदेश का अनूठा मिश्रण देखने को मिलता है, जिसने उन्हें जनप्रिय अभिनेता के रूप में स्थापित किया।

भारत मंडपम में भव्य समारोह

यह सम्मान दिल्ली के प्रतिष्ठित भारत मंडपम में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान प्रदान किया गया। इस अवसर पर कई फिल्मी हस्तियां, निर्देशक और सांस्कृतिक क्षेत्र के प्रमुख लोग उपस्थित रहे। समारोह में दिल्ली की मानद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया, जिससे इस आयोजन की गरिमा और बढ़ गई।

‘भगवंत केसरी’ की विशेष स्क्रीनिंग

इस अवसर पर बालकृष्ण की चर्चित फिल्म ‘भगवंत केसरी’ की विशेष स्क्रीनिंग भी आयोजित की गई। इस फिल्म का निर्देशन अनिल रविपुडी ने किया था और इसे 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ तेलुगु फिल्म का सम्मान मिल चुका है। इस स्क्रीनिंग में अभिनेता, निर्देशक और निर्माता की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ दिल्ली (IFFD) भारतीय और वैश्विक सिनेमा का प्रमुख मंच है।
  • भारत मंडपम नई दिल्ली में स्थित एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन और सांस्कृतिक केंद्र है।
  • पद्म भूषण भारत का तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है।
  • राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भारत के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म सम्मानों में से एक हैं।

सिनेमा से परे योगदान और विरासत

नंदामुरी बालकृष्ण ने इस सम्मान को अपने माता-पिता को समर्पित करते हुए अपने पिता एन. टी. रामाराव के सामाजिक योगदान को याद किया, जिन्होंने समाज सुधार और महिला सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्ष 2025 में उन्हें कला और सिनेमा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया था।

इस प्रकार, बालकृष्ण का यह सम्मान न केवल उनके फिल्मी करियर की उपलब्धियों को रेखांकित करता है, बल्कि भारतीय सिनेमा में उनके स्थायी प्रभाव और विरासत को भी स्थापित करता है।

Originally written on March 27, 2026 and last modified on March 27, 2026.

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