दुबई लूप: भूमिगत हाई-स्पीड परिवहन प्रणाली से शहरी यातायात में क्रांति

दुबई लूप: भूमिगत हाई-स्पीड परिवहन प्रणाली से शहरी यातायात में क्रांति

दुबई ने एक और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए “दुबई लूप” परियोजना की घोषणा की है, जो विश्व की दूसरी ऐसी परियोजना होगी, जो भूमिगत हाई-स्पीड ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर आधारित है। यह परियोजना एलन मस्क की कंपनी The Boring Company द्वारा विकसित तकनीक का उपयोग करती है और पहले से लास वेगास में लागू की जा चुकी प्रणाली की तर्ज पर होगी। इसका उद्देश्य शहरी गतिशीलता को अत्याधुनिक और टिकाऊ बनाना है।

परियोजना की घोषणा और दूरदृष्टि

“दुबई लूप” की घोषणा विश्व सरकार शिखर सम्मेलन के दौरान दुबई की रोड्स एंड ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (RTA) द्वारा की गई। आरटीए के महानिदेशक मतार अल तय्यर ने इसे एक “आइकॉनिक इनिशिएटिव” बताते हुए कहा कि यह योजना शहर के घने और उच्च यातायात वाले क्षेत्रों को एकदिशात्मक भूमिगत सुरंगों के माध्यम से जोड़ेगी। इसका उद्देश्य यात्रा समय को न्यूनतम करना और यातायात जाम को कम करना है।

मार्ग, लागत और क्रियान्वयन चरण

इस परियोजना का कुल नेटवर्क 22.2 किलोमीटर में फैला होगा और इसमें 19 स्टेशन होंगे। इसकी कुल अनुमानित लागत लगभग 681 मिलियन अमेरिकी डॉलर है। पहले चरण में दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर को दुबई मॉल से जोड़ा जाएगा, जिसकी लंबाई 6.4 किलोमीटर होगी और इसमें चार स्टेशन शामिल होंगे। इस चरण की अनुमानित लागत 163 मिलियन डॉलर है और इसे एक से दो वर्षों में पूरा करने की योजना है।

क्षमता और गति की विशेषताएं

दुबई लूप की पहली चरण की दैनिक यात्री क्षमता लगभग 13,000 होगी, जबकि पूर्ण प्रणाली की क्षमता 30,000 यात्रियों तक पहुंचने की उम्मीद है। यह प्रणाली इलेक्ट्रिक वाहनों पर आधारित होगी जो बिंदु से बिंदु (point-to-point) यात्रा सेवा प्रदान करेगी — बिना किसी मध्यवर्ती ठहराव के। इसकी गति 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है, जिससे यात्रा समय में नाटकीय कमी आएगी।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • दुबई लूप प्रणाली The Boring Company की सुरंग तकनीक पर आधारित है, जिसकी स्थापना एलन मस्क ने की है।
  • यह परियोजना पूरी होने पर 22.2 किमी लंबी होगी, जिसमें 19 स्टेशन शामिल होंगे।
  • इलेक्ट्रिक वाहन बिना रुकावट 160 किमी/घंटा की गति से संचालित होंगे।
  • लास वेगास के बाद दुबई यह तकनीक अपनाने वाला दूसरा शहर होगा।

दुबई लूप के साथ, दुबई एक बार फिर यह साबित कर रहा है कि वह शहरी नियोजन और भविष्य उन्मुख प्रौद्योगिकियों को अपनाने में अग्रणी है। यह प्रणाली न केवल शहर की यातायात समस्याओं को सुलझाएगी बल्कि पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी अधिक टिकाऊ और ऊर्जा-कुशल साबित होगी।

Originally written on February 5, 2026 and last modified on February 5, 2026.

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