दुबई में वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट 2026 की शुरुआत: भविष्य की सरकारों के निर्माण की दिशा में एक वैश्विक मंच
दुबई में आयोजित हो रहे वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट 2026 की शुरुआत “Shaping Future Governments” विषय के साथ हुई है। यह समिट विश्वभर के नेताओं, नीति निर्माताओं और उद्योगपतियों को एक मंच पर लाकर यह विचार कर रही है कि नवाचार, स्थिरता और तकनीकी विकास किस प्रकार सार्वजनिक नीतियों को नए स्वरूप में ढाल रहे हैं। इस आयोजन का उद्देश्य वैश्विक शासन ढांचे को सुदृढ़ बनाना और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना है, विशेष रूप से वर्तमान आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी चुनौतियों के दौर में।
वैश्विक शासन का भविष्य: समिट की रूपरेखा
यह समिट 5 फरवरी तक दुबई में चलेगी और इसमें 450 से अधिक वैश्विक वक्ता 445 सेशन के माध्यम से विचार साझा कर रहे हैं। भाग लेने वालों में राष्ट्रपतियों, प्रधानमंत्रियों, मंत्रियों और नीति विशेषज्ञों की भागीदारी उल्लेखनीय है। समिट में जिन विषयों पर विमर्श हो रहा है, उनमें सरकारी कार्यों का भविष्य, नेतृत्व की नई परिभाषाएं, सार्वजनिक वित्त, निवेश के प्रवाह और नवप्रवर्तनशील तकनीकों की नीति निर्माण में भूमिका प्रमुख हैं।
IMF का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर नजरिया
समिट को संबोधित करते हुए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जिएवा ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था ने उम्मीद से अधिक लचीलापन दिखाया है, विशेष रूप से भू-राजनीतिक तनावों और व्यापार नीति में अनिश्चितता के बावजूद। उन्होंने अमेरिका की व्यापार और विदेश नीति में हालिया बदलावों को एक अधिक बहुध्रुवीय और विविध वैश्विक आर्थिक संरचना की ओर संकेत बताया।
उन्होंने यह भी बताया कि IMF ने वैश्विक वृद्धि की अपनी भविष्यवाणी को बेहतर किया है, जिसमें संयुक्त अरब अमीरात और खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्थाएं भी शामिल हैं। इसकी वजह निजी क्षेत्र की अनुकूलता, अपेक्षाकृत कम व्यापारिक बाधाएं और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से जुड़ी उत्पादकता में संभावित वृद्धि मानी जा रही है।
व्यापार, शुल्क और AI को लेकर आशावाद
क्रिस्टालिना जॉर्जिएवा ने यह भी स्पष्ट किया कि हालांकि कुछ प्रारंभिक शुल्क घोषणाएं काफी ऊँची थीं, लेकिन परस्पर बातचीत के जरिए प्रभावी शुल्क दरों को औसतन 9% तक सीमित कर लिया गया, जो पहले 20% से अधिक होने की आशंका थी। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक व्यापार ने खुद को ढाला है, वह ढहा नहीं है, और कृत्रिम बुद्धिमत्ता को लेकर तेजी से बढ़ती उम्मीदें उत्पादकता के नए द्वार खोल सकती हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट हर वर्ष दुबई में आयोजित किया जाता है।
- 2026 के समिट का विषय है: “Shaping Future Governments”।
- IMF समय-समय पर वैश्विक आर्थिक वृद्धि के अनुमानों में संशोधन करता है।
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को उत्पादकता वृद्धि का प्रमुख कारक माना जा रहा है।
समिट में वैश्विक भागीदारी की विशालता
इस वर्ष के समिट में 6,250 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया है, जिनमें 60 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष, 500 से ज्यादा मंत्री, और 150 से अधिक सरकारों के प्रतिनिधि शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 87 नोबेल पुरस्कार विजेता, 700 से अधिक वैश्विक CEO और 80 से अधिक अंतरराष्ट्रीय, क्षेत्रीय और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधि भी भाग ले रहे हैं। इस समिट से जो नीतिगत विचार और भागीदारी के नए मॉडल निकलेंगे, वे भविष्य की सरकारों को लचीलापन, समावेशिता और उत्तरदायित्व के साथ चलाने में मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
इस तरह, वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट 2026 वैश्विक नीति संवाद का एक महत्वपूर्ण मंच बन गया है, जो आने वाले समय में शासन के स्वरूप को प्रभावित करने वाले विचारों और नवाचारों का उद्भव स्थल साबित हो सकता है।